- 10 हजार लीटर चोरी का तेल भी बरामद, एक आरोपी पकड़ा
- बकौल डीएसओ में लंबे अरसे से की जा रही थी डिपो के टैंकरों से चोरी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: टीपी नगर थानांतर्गत पूठा में टैंकरों से पेट्रोल और डीजल की चोरी में पुलिस और आपूर्ति विभाग की भूमिका संदिग्ध है। दर्जनों बार छापेमारी में इस रैकेट का भंडाफोड़ हो चुका है हर बार दोनों सरकारी विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।
जबकि हकीकत यह है कि दोनों विभागों के पास अपनी इंटेलिजेंस है और इनकी मर्जी के बिना पत्ता तक नहीं हिलता है। यह स्थिति इसलिये भी गंभीर है कि दोनों विभागों की मिलीभगत से 20 अगस्त 2019 को पेट्रोल पंपों और केरोसिन के गोदामों में अवैध काम धड़ल्ले से चल रहा था।
इस मामले में न तो आपूर्ति विभाग और न ही पंप और गोदाम संचालकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। दरअसल पूठा में चल रहे रैकेट से उन लोगों की जेबें भरी जाती है। जिनके पास इस गोरखधंधे को खत्म करने की जिम्मेदारी है।
सरकारी आॅयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से तेल चोरी के इस मामले में एक बार फिर से खाकी का दामन दागदार हो गया है। खाकी की भूमिका पर तमाम सवाल खडे हो रहे हैं।

टीपीनगर थाना वेदव्यासपुरी पुलिस चौकी के स्टॉफ की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। बकौल डीएसओ लंबे अरसे से टैंकरों से तेल चोरी की जा का धंधा चल रहा है। इसकी खबर खाकी या विशेष रूप से वेदव्यासपुरी चौकी के स्टाफ को न हो, यह बात गले नहीं उतरती।
करीब एक साल पूर्व जब परतापुर के पूठ में तेल चोरी का बड़ा सिंडिकेट पकड़ा गया था तब भी खाकी की भूमिका पर सवाल उठे थे। तब तो आपूर्ति विभाग के तमाम अफसरों की इस मामले में लिप्तता पाई गई थी। तब तेल चोरी का मामला कई दिन तक गरमाया रहा था।
जिस गोदाम से चोरी का तेल मिला था वहां आज भी एक मजिस्टेÑट स्तर के अधिकारी व पुलिस की ड्यूटी है। कई सफेदपोशोें के नाम तेल के खेल में सामने आए थे, यह बात अलग है कि उनके खिलाफ बजाय कठोर कार्रवाई के सिस्टम का रवैया अंदरखाने दोस्ताना रहा।
जिनको तेल के खेल का माफिया प्रचारित किया जा रहा था उनको सीखचों के पीछे नहीं पहुंचा जा सका। वो जमानत पा गए। इस बार भी 10 हजार लीटर चोरी का तेल तो पकड़ा गया है, लेकिन तेल के इस खेल के असली मास्टर माइंड के सवाल पर अभी भी चुप्पी साधी हुई है। कार्रवाई के नाम पर केवल एक मजदूर लाखन निवासी पूठा को पकड़ा है।
डीएसओ का छापा, डिपो के टैंकरों से तेल चोरी
जिला आपूर्ति अधिकारी ने पूठा में छापा मारकर आॅयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से की जा रही चोरी को पकड़ा। इतना ही नहीं मौके से एक पुराने टैंकर में जमा किया गया करीब 10 लीटर तेल भी बरामद किया है। कार्रवाई में एक शख्स भी गिरफ्तार किया है जिसे पुलिस को सौंप दिया है।
इस मामले में आपूर्ति विभाग के एआरओ की ओर से तहरीर दी गई है। तेल चोरी लंबे अरसे से चल रही थी। एक मुखबिर की सूचना पर डीएसओ नीरज सिंह आपूर्ति विभाग का अमला व लेकर टीपीनगर के वेद व्यासपुरी चौकी के पूठा क्षेत्र में पहुंचे। यहां एक ट्रक वॉशिंग प्वाइंट पर छापा मारी की गई।
मौके पर एक पुराना कैंटर पकड़ा जिसमें करीब 10 हजार लीटर तेल भरा हुआ था। जिस टैंकर से चोरी का तेल बरामद किया गया है, उसकी छत पर एक मजदूर चढ़ा हुआ था। उसने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन घेरकर उसको दबोच लिया। कार्रवाई की सूचना पर वहां एसओ टीपीनगर भी मयफोर्स के पहुंच गए। आपूर्ति विभाग के एआरओ किशोर ने सरकारी आॅयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से तेल चोरी किए जाने की तहरीर दी है।
वॉशिंग प्वाइंट की आड़
आॅयल डिपो से बाहर आने वाले टैंकरों से तेल चोरी का यह धंधा पूठा स्थित वॉशिंग प्वाइंट की आड़ में किया जा रहा था। आपूर्ति विभाग की कार्रवाई के दौरान जिस स्थान से चोरी के तेल समेत पुराना टैंकर मिला है, वहां ट्रकों की धुलाई का काम किया जाता है। धुलाई की आड़ में यहां आॅयल टैंकरों से तेल निकाल लिया जाता है।
दोबारा लगा देते हैं सील
डीएसओ ने बताया कि तेल चोरी करने वाला यह गिरोह इतना शातिर है कि जिस प्रकार की सील आॅयल डिपो के भीतर तेल लेकर जाने वाले टैंकरों पर लगाई जाती है, तेल चोरी करने के बाद ठीक वैसी ही सील दोबारा लगा दी जाती है। इसके लिए तमाम उपकरण गिरोह के सदस्यों के पास मौजूद होते हैं।
अरसे से चल रही थी चोरी
डीएसओ ने बताया कि आॅयल डिपो से निकलने वाले टैंकरों से चोरी लंबे अरसे से की जा रही थी। इसको लेकर उनके स्टाफ के दस्ते ने पहले भी कई बार दबिशें दीं। शनिवार को मुखबिर से सटीक सूचना दी। सूचना मिलते ही आपूर्ति विभाग के अमले समेत डीएसओ मौके पर पहुंच गए और चोरी के दस हजार लीटरा तेल समेत एक शख्स को पकड़ लिया।
छोटी मछली पर कार्रवाई
मौके से कार्रवाई के दौरान लाखन पुत्र महावीर सिंह निवासी पूठा नाम के जिस शख्स को दबोचा गया है जो हालात नजर आ रहे हैं। उससे तो यही लगता है कि पूरा ठीकरा उसी पर फोड़ने की तैयारी सिस्टम ने कर ली है। जबकि तेल चोरी के इस सिंडिकेट का मास्टर माइंड कौन है इस पर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
डीएसओ ने बताया कि जो मौके पर मिला है उसको पुलिस को सौंप दिया गया है। उसके अलावा कौन-कौन इस गैंग का हिस्सा हैं या कौन तेल चोरी का गैंग आॅपरेट कर रहा है यह पूछताछ के बाद पुलिस ही बता सकती है।

