Wednesday, April 22, 2026
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बिहार विधानसभा: 51 साल बाद स्पीकर चुने गए भाजपा के विजय सिन्हा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज स्पीकर पद का चुनाव हुआ। 51 साल बाद हुए स्पीकर पद के चुनाव में भाजपा के विधायक विजय सिन्हा को जीत मिली है। वहीं, चुनाव के दौरान विपक्ष ने सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति को लेकर हंगामा किया। विपक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार विधायक नहीं हैं, इसलिए उन्हें सदन से बाहर भेजा जाए।

बिहार विधानसभा के लिए भाजपा के विधायक विजय सिन्हा को स्पीकर चुना गया है। महागठबंधन के उम्मीदवार अवध बिहारी चौधरी को हार मिली है। विजय सिन्हा के पक्ष में 126 वोट पड़े। वहीं, महागठबंधन उम्मीदवार को 114 विधायकों का समर्थन रहा।

राजद नेता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने भी नीतीश कुमार की मौजूदगी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा में लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। जनादेश का अपहरण किया जा रहा है। झा ने कहा, सदन में नीतीश कुमार क्यों मौजूद हैं, जबकि वह विधायक ही नहीं हैं। विपक्ष ने मांग की है कि नीतीश कुमार को सदन से बाहर किया जाए, क्योंकि वह विधायक नहीं हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने सदन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई। इसके अलावा, अशोक चौधरी और मुकेश सहनी की भी उपस्थिति पर आपत्ति जताई गई। इस दौरान नारेबाजी भी की गई।

हालांकि, प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं, इसलिए वह सदन में मौजूद रह सकते हैं। मांझी ने कहा, ‘नीतीश कुमार स्पीकर पद के लिए हो रहे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन वह सदन में रहेंगे।’ बता दें कि नीतीश कुमार विधानसभा के सदस्य नहीं हैं। वह बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।

बिहार विस में इससे पहले भी स्पीकर के चुनाव के वक्त दूसरे सदन के सदस्य मौजूद रहे हैं। जब राबड़ी देवी बिहार की सीएम थीं, तब उनके पति लालू प्रसाद यादव सांसद होने के बावजूद सदन में मौजूद रहे थे।

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