जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। शुक्रवार को निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज साझा कर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर सनसनीखेज आरोप लगाया कि वे 1970 के दशक में स्वीडिश हथियार कंपनी के एजेंट थे। उन्होंने दावा किया कि राजीव गांधी उस दौर में हथियारों की खरीद में दलाली में शामिल थे।
कांग्रेस का पलटवार
भाजपा सांसद के इस दावे से एक दिन पहले कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में भारी वृद्धि को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 2009 में निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति लगभग 50 लाख रुपये थी। 2024 में यह बढ़कर 32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। जबकि खुद दुबे की संपत्ति में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाया गया। कांग्रेस की ओर से लोकपाल में शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसके अनुसार भाजपा सांसद को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया गया है।
राहुल गांधी जी के पिताजी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी स्वीडन की सैनिक कम्पनी के एजेंट थे यानि 70 के दशक में दलाली करते थे? pic.twitter.com/ZsoGJHlcLK
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) October 17, 2025
हलफनामे पर सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने 2024 के चुनावी हलफनामे का हवाला देते हुए दावा किया दुबे की पत्नी के पास 28.94 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। साथ ही 6.48 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी है। हलफनामे में 1.2 करोड़ रुपये के कर्ज का जिक्र है, जिसे अभिषेक झा नाम के व्यक्ति से लिया गया बताया गया है। लेकिन अभिषेक झा ने ही कथित तौर पर कहा है कि उन्होंने कोई कर्ज नहीं दिया। कांग्रेस ने सवाल किया कि अगर आय नहीं बढ़ी, तो इतनी संपत्ति कहां से आई?
राजनीतिक रणनीति या जवाबी हमला?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशिकांत दुबे का राजीव गांधी पर हमला, कांग्रेस की ओर से आए आरोपों के जवाब में ध्यान भटकाने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस मसले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

