Wednesday, February 24, 2021
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यमुना खादर में खनन को लेकर हो सकता है खून-खराबा

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  • ग्रामीणों में आक्रोश, दरिया बरामदपुर और ढिक्का कलां में उतार दीं मशीनें
  • सोलानी नदी का खनन माफिया ने तोड़ दिया तटबंध, हालात होते जा रहे प्रतिकूल

वरिष्ठ संवाददाता |

सहारनपुर: यमुना खादर में अवैध रूप से खनन का खेल फिर शुरू हो चुका है। दरिया बरामदपुर और ढिक्का कलां में इन दिनों पोर्कलेन मशीनों से यमुना की कोख छलनी की जा रही है। ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। लेकिन, अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने खनन माफिया की बाछें खिली हैं और वह बेरोक-टोक खनन करा रहे हैं।

अगर हालात पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यहां कभी भी टकराव हो सकता है। पहले भी यहां खून बह चुका है। मशीन पलटने से एक साल पहले एक मजदूर की जान भी जा चुकी है। यही नहीं, बेहट क्षेत्र के फतेहपुर पोलियो की सोलानी नदी में जमकर खनन हो रहा है। यहां पांच दशक पहले बनाए गए तटबंध को भी खनन माफिया ने तहस-नहस कर दिया है।

बता दें कि खनन को लेकर सहारनपुर हमेशा से सुर्खियों में रहा है। यहां अधिकारियों के भी दामन दागदार होते रहे हैं। सरसावा में तो यूपी और हरियाणा के माफिया का बोलबाला रहा है। कभी तो ये एक साथ हो लेते रहे हैं और कभी टकराव की नौबत आती रही है।

सपा सरकार में यहां यमुना किनारे बंदूकें गरजी थीं और गोली लगने से एक की जान चली गई थी। पिछले साल 15 मई 2020 को जेबीसी मशीन से उस समय हादसा हुआ था, जब तेज पानी का बहाव होने का कारण मशीन पलट गई थी। इस हादसे में प्रकाश महर नाम के मजदूर की मौत हो गई थीे। शंकर नाम के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। लेनिक, ऊंचा रसूख रखने वाले खनन माफियाओं ने गुपचुप तरीके से मामले को रफा-दफा करा दिया था।

वैसे तो हादसे में मृत मजूदर परिवार को सहायता राशि देने की भी बात कही गई थी लेकिन, किसी को फूटी कौड़ी नहीं मिली। अब जो भी हो, एक बार फिर से यमुना खादर में खनन का खेल शुरू हो गया है। हालांकि, ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। दरअसल, जहां ग्रामीणों के खेत हैं और फसल भी तैयार है, वहां पर भी खुदाई और वाहनों की आवाजाही से उनका नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों ने मुखालफत शुरू कर दी है।

शिकायत किए जाने पर तहसील स्तर के अधिकारी मौके पर मुआयना भी कर आए हैं और कहा है कि खनन अवैध रूप से नहीं करने दिया जाएगा। लेकिन, अभी तक इस पर रोक नहीं लग सकी है। पूर्व में ग्रामीणों ने मांग की थी और कहा था कि यमुना किनारे घाटों पर लगे कैमरों का प्रशासन अगर डीवीआर निकल कर ध्यान से देखे तो माफिया द्वारा सरकार की आखं में धूल झोंक कर राजस्व को बड़ी हानि पहुंचाई जा रही है।

बता दें कि पहले भी सरसावा क्षेत्र में दरिया बरामद घाट पर खनन को लेकर यूपी और हरियाणा में तलवारें खिंची रही हैं। उधर, बेहट क्षेत्र में सोलानी नदी पर बनाया गया तटबंध भी तहस-नहस कर दिया गया है। बिहारीगढ़ में भी अवैध रूप से खनन किया जा रहा है।

फिलहाल, ढिक्का कलां और दरियाबरामदपुर इन दिनों फिर से सुर्खियों में हैं। अगर प्रशासन समय से नहीं जागा और ठोस कदम नहीं उठाए तो यहां कभी भी और किसी भी समय उपद्रव हो सकता है। इस संबंध में हालांकि, प्रशासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह और एसएसपी डाक्टर एस चिनप्पा का कहना है कि इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगा। अगर पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

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