Sunday, May 16, 2021
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मेडिकल रिपोर्ट में चल रहा गोलमाल, मौत के आंकड़ों में लुकाछिपी का खेल

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  • नर्सिंग होमों में हो रही मौतों को शामिल नहीं कर रहा स्वास्थ्य विभाग
  • नियम कर दो सख्त, लेकिन मौतों के आंकड़ों को तो मत छुपाओ

ज्ञान प्रकाश |

मेरठ: कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को दिन में तारे दिखा दिये हैं। पहली लहर में लोगों के मन में दहशत नहीं आई थी, लेकिन दूसरी लहर में जिस तरह से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है उसको लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। खुद मेडिकल कालेज और नर्सिंग होमों में जिस तरह से मौतें बढ़ी है उनको सरकारी रिपोर्ट में जगह नहीं दी जा रही है। लोगों का कहना है कि भले ही प्रशासन सामाजिक नियमों को और अधिक सख्त कर दे, लेकिन मौतों के आंकड़ों को तो मत छुपाओ।

सोमवार को मेरठ में 35 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अकेले केएमसी में ही नौ मरीजों ने दम तोड़ दिया था। इसमें कुछ मरीज नॉन कोविड भी थे। जहां तक कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की बात है 22 लोगों की मौत कोरोना से हुई है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन की तरफ से जो कोरोना रिपोर्ट जारी की जाती है उसमें मौतों की संख्या कभी ज्यादा नहीं दिखाई देती है।

जबकि सूरजकुंड स्थित श्मशानघाट में रोज चालीस के करीब लोगों की चिताएं जल रही है। मंगलवार को सूरजकुंड में 35 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में सिर्फ तीन लोगों की मौत दिखाई गई थी। हर कोई इस रिपोर्ट को देखकर हैरान हो जाता है।

एक अप्रैल से मौतें लगातार बढ़ती जा रही है और नर्सिंग होम के आंकड़ों को कहीं शामिल नहीं किया जा रहा है। सबसे बुरी स्थिति मेडिकल कालेज की बताई जा रही है। यहां हो रही मौतों में दूसरे जनपदों के मरीज भी शामिल है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट में उन चर्चित लोगों का जिक्र नहीं किया जिनकी मौत नर्सिंग होमों में हुई थी।

कहने को सरकारी आंकड़ों में कोरोना से मरने वालों की संख्या 445 है। इनमें कोरोना की दूसरी लहर में मरने वालों की संख्या 41 है जो किसी के गले नहीं उतर रही है। अगर सूरजकुंड श्मशान घाट के अलावा जनपद के अन्य श्मशान घाटों के आंकड़े भी शामिल कर लिये जाएं तो स्थिति विकट हो सकती है। आॅक्सीजन की किल्लत से कोरोना का इलाज कर रहे अस्पताल ही बीमार पड़ गए हैं।

अस्पतालों में लगातार आॅक्सीजन खत्म हो रही है। इस कारण मौतें भी बढ़ रही है। सोमवार को 13 मौत मेडिकल कॉलेज और नौ मौतें केएमसी में हुई थी। इनके अलावा आनंद, न्यूटिमा, आर्यव्रत और अप्सनोवा आदि अस्पतालों में भी आठ लोगों की मौत हुई है।

कोविड मरीज को भटकाते रहे नर्सिंग होम, हो गई मौत

प्रशासन लाख दावा करे कि कोरोना पीड़ितों को इलाज मिल रहा है, यह पूरी तरह सही नहीं है। इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होना इस वक्त सबसे कठिन काम है। गंभीर मरीजों को भी मेडिकल कालेज से लेकर तमाम नर्सिंग होम आक्सीजन न होने की बात करके लोगों को भर्ती नहीं कर रहे हैं।

इसी तरह की लापरवाही के कारण महिला सफाई कर्मचारी की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है वह इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। निजी अस्पतालों ने आक्सीजन न होने की बात कही कर वापस कर दिया तो मेडिकल कालेज में भर्ती नहीं मिली। घर पर जैसे-तैसे आक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

57 वर्षीय सफाई कर्मचारी प्रेमलता की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट 25 अप्रैल को आई थी। जयदेवी नगर निवासी प्रेमलता की तबीयत पहले ही दिन से खराब थी। बेटे विपिन ने बताया कि मां को लेकर उसी दिन गढ़ रोड स्थित ओम नर्सिंग होम में भर्ती कराने ले गए थे, लेकिन आॅक्सीजन न होने की वहां से वापस कर दिया था। इसके बाद दो बार मेडिकल कालेज में भर्ती कराने की कोशिश की।

सोमवार की रात सात बजे सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई। परिजन उसको जिला अस्पताल ले गए। यहां बेड खाली न होने की बात की गई। इसके बद वे लोग मेडिकल कालेज पहुंचे। वहां भी मना कर दिया गया। बेटे विपिन ने बताया कि जब कहीं उम्मीद नहीं दिखी तो वे घर लौट आए। जैसे-तैसे आक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया, लेकिन मां को बचा नहीं पाए।

मंगलवार दोपहर सांसें टूट गईं। बेटे ने बताया कि पिता पदम सिंह की गत वर्ष हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। महिला सफाई कर्मचारी की मौत से सफाई कर्मचारी नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदौला समेत अन्य ने कमिशनर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिख कर मांग की है कि सफाई कर्मचारी बीमार पड़ते हैं तो उनको अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था की जाए और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये अनुदान राशि दिलाने की भी मांग की है।

सूरजकुंड श्मशान पर बनाए जाएंगे 25 नए शवदाह स्थल
सूरजकुंड श्मशान घाट पर कोरोना संक्रमण के चलते अंतिम संस्कार कराने को लेकर परेशानियों का सामना परिजनों को करना पड़ रहा है। यहां पर शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों को वेटिंग में खड़ा होना पड़ रहा है। इसको लेकर नए शवदाह स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके लिए नगरायुक्त मनीष बंसल ने श्मशान घाट का निरीक्षण किया। कई दिनों से सूरजकुंड श्मशान पर शवों का दाह संस्कार जगह की कमी के चलते जमीन पर भी होते देखा जा रहा है। संक्रमण से मरने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे यहां पर भयावह स्थिति सामने आ रही है। एक साथ कई अंतिम संस्कार इन दिनों कराए जा रहे हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा श्मशान घाट पर नए शवदाह स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। सूरजकुंड श्मशान घाट पर निगम द्वारा 25 नए शवदाह स्थलों का निर्माण कराया जाएगा। जिसके लिए नगरायुक्त ने निरीक्षण करते हुए कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। मंगलवार को निरीक्षण से के समय नगरायुक्त ने अवर अभियंता निर्माण अनुज को दो दिन के अंदर कार्य पूरा कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सफाई व्यवस्था पर भी जोर देते हुए क्षेत्रीय सफाई निरीक्षक को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज से श्मशान घाट पर पर्याप्त मात्रा में जलौनी लकड़ी भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो।

सरधना में कोरोना से महिला समेत तीन लोगों की मौत 
क्षेत्र में कोरोना लोगों पर मौत बनकर बरस रहा है। यहां कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। सोमवार की रात कोरोना की चपेट में आए एक जवान युवक व एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। उनकी मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। मंगलवार को सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची। टीम ने युवक के परिवार व आसपास के लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। गांधीनगर मोहल्ला निवासी 27 वर्षीय विनीत पुत्र वेदप्रकाश को चार दिन पूर्व बुखार आया था। जांच करने पर पता चला कि युवक कोरोना पॉजिटिव है। जिसके बाद उसे आइसोलेट कर दिया गया था। निजी अस्पताल द्वारा युवक का इलाज चल रहा था। बताया गया है कि सोमवार की रात अचानक से युवक की तबियत बिगड़ गई। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं सोमवार की रात को ही सराय अफगानान मोहल्ला निवासी बरकत खां की दिल्ली अस्पताल में मौत हो गई। वह भी कोरोना से संक्रमित था। इसके अलावा जुल्हैड़ा गांव में भी एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांधीनगर पहुंची। टीम ने युवक के परिजन व आसपास के लोगों की जांच की। कुछ सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. राजेश कुमार का कहना है कि गांधीनगर में कोरोना से युवक की मौत हुई है। उसके परिजन व आसपास के लोगों की जांच कराई जा रही है।

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