- ट्रेनों का संचालन न होने से बसों पर निर्भर हैं यात्री
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: भैयादूज के त्यौहार पर बहनों से तिलक कराने के लिए भाई रविवार को ही अपने गणतव्यों की ओर रवाना हो गए। इस बार कोरोना काल से ही ट्रेनों का संचालन न होने से यात्री रोडवेज और प्राइवेट बसों पर ही निर्भर है। सोमवार को बसों में भीड़ होने की संभावना के चलते बड़ी संख्या में भाईयों ने एक दिन पूर्व ही पहुंचना उचित समझा।
भाई-बहन के असीम स्नेह का पर्व भैयादूज सोमवार को पारंपरिक रीति रिवाज और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। भैयादूज पर बहनों से मंगल तिलक कराने के लिए भाई अपनी बहनों के घर पहुंचते हैं। कुछ स्थानों पर बहनें भा अपने भाईयों के घर पर पहुंच कर मंगल तिलकर कर उनकी दीर्घायु की कामना करती है।
25 मार्च के बाद से ही ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया, देश के कुछ बड़े शहरों के लिए चुनिंदा ट्रेनों का संचालन कोविड गाइड लाइन के अनुसार शुरू किया गया है। लेकिन दिल्ली सहारनपुर रेलमार्ग पर अभी तक संचालन नहीं हो सका है। जिसके चलते यात्रियों का बोझ रोडवेज, प्राइवेट बसों एवं अन्य सवारी साधनों पर बढ़ गया है। इसी के चते सोमवार को बसों में भारी भीड़ रहने की संभावना है।
जिसके चलते बड़ी संख्या में भाईयों ने रविवार को ही अपनी बहनों के घर पहुंचना उचित समझा। शामली रोडवेज स्टेशन अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि भैयादूज के पर्व को देखते हुए बसों की ट्रिप बढ़ाई जाएगी। यदि यात्रियों की संख्या एक रूट पर अधिक होगी और दूसरे रूट की बस खाली होगी तो उसका रूट परिवर्तित कर यात्रियों को उनके गणतव्यों तक पहुंचाया जाएगा।
भैयादूज के लिए बहनों ने गोलों की जमकर खरीदारी
बहन-भाई के स्नेह का त्योहार भैयादूज सोमवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। भैयादूज की पूर्व संध्या पर बाजारों में खासी रौनक रही। भैयादूज के पर्व के लिए बाजारों में मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली। किराना की दुकानों पर गोले की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ी रही सोमवार को बहने अपने भाई के माथे पर तिलक कर गोला प्रदान करेगी। गांधी चौक स्थित किराना व्यापारी सुनील जैन ने बताया कि गोले का भाव 200 रुपये प्रति किग्रा रहा।

