- शुक्रवार अल सुबह से शुरू हो गया भगवान आशुतोष का जलाभिषेक, नैंसी और लाल क्वार्टर तक लंबी लाइन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: श्रावण शिवरात्रि के मौके पर काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर के आसपास शिवभक्तों ने नगर बसा लिया था। जहां तक भी नजर जाती थी दूर तक भगवा वस्त्र पहने सड़क पर चहूं ओर कांवड़िये व दूसरी वो शिवभक्त जो जलाभिषेक या फिर महादेव के दर्शन और आशीर्वाद की आस लेकर पहुंचे थे। शिवभक्तों की नगरी की यदि बात करें तो सुरक्षा इंतजामों के चलते पुलिस प्रशासन ने मंदिर के ठीक सामने सख्ती की हुई थी। काली पलटन मंदिर के सामने रेस रोड पर जहां तक मंदिर परिसर है, उसके सामने किसी भी रुकने या रोड पर ठहरने की इजाजत नहीं दी गयी थी, उसके बाद के रास्ते पर सड़क के दोनों ओर शिवभक्तों का नगर नजर आता था।

काली पलटन मंदिर रेस रोड पर लाल क्वार्टर से आगे रणवीर सिंह पार्क व उससे भी आगे रजबन, पंजाब सेंटर चौराहे से सर्कुलर रोड हनुमान चौक तक सड़क के दोनों ओर शिव भक्त जमे थे। हालांकि बड़ी संख्या कांवड़ियों की थी। इसके अलावा मंदिर मार्ग पर दर्शन एकेडमी तक तो कांवड़ कैंप ही लगे थे, लेकिन जो जगह थोड़ी बहुत बाकी थी, वहां भी नगर बसा हुआ था, यहां से फिर वेस्ट एंड रोड तक महादेव को प्रसन्न करने की आस लिए जलाभिषेक करने वाले ही नजर आते थे।
शरीर थका था, मन नहीं
जो कांवड़िये जल लेकर आए थे, उनमें से ज्यादातर के संग उनके परिजन थे। कांवड़ियों का जिस्म तो थक हुआ नजर आता था, लेकिन मन में कांवड़ यात्रा पूरी कर लेने का उत्साह बातचीत व चेहरे की चमक से साफ झलकता था। उनका कहना था कि महादेव साथ थे, फिर थकान कैसी। कब चले कब काली पलटन पहुंच गए, महादेव ने पता चलने ही नहीं दिया।
नहीं आए सीएम, कमिश्नर और आईजी ने की पुष्पवर्षा
कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा व यात्रा मार्ग के हवाई सर्वेक्षण का सीएम योगी का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से निरस्त होने की सूचना प्रशासन ने दी। इससे पहले बीते गुरुवार की शाम को उनका कार्यक्रम मीडिया को जारी किया गया था। पूर्व कार्यक्रम के अनुसार सीएम योगी को कैंट स्थित औघड़नाथ मंदिर, बागपत में पुरा महादेव, गाजियाबाद में दुग्घेश्वर मंदिर के ऊपर हवाई सर्वेक्षण के दौरान पुष्प वर्षा करनी थी।

मुख्यमंत्री का कार्यक्रम निरस्त होने के बाद कमिश्नर सेल्वा कुमार जे. और आईजी नचिकेता झा ने हेलिकॉप्टर से उड़ान भरकर शिवरात्रि पर जलाभिषेक के दौरान कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। उन्होंने कांवड़ यात्रा मार्ग पर हवाई सर्वेक्षण भी किया। हेलिकॉप्टर से शुरुआत में औघड़नाथ मंदिर पहुंचा। सूत्रों ने जानकारी दी कि वहां से पुरा महादेव और फिर दुग्घेश्वर महादेव मंदिर के ऊपर उड़ा भर कर पुष्पवर्षा की।

