- सभी सीओ से सर्किल में चल रहे स्विमिंग पूलों की सूची की तलब
- थानेदारों को विभागों की एनओसी के बगैर चल रही पूलों को बंद कराने के आदेश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर चलाए जा रहे स्विमिंग पूल एसएसपी के रडार पर हैं। एसएसपी ने जनपद भर के सीओ व थानेदारों को अवैध रूप से चल रहे स्विमिंग पूलों के खिलाफ चेकिंग व धरपकड़ अभियान के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ये भी कि जो भी स्विमिंग पूल अवैध रूप से संचालित होते पाए जाएं संबंधित विभाग को साथ लेकर उनके खिलाफ अवैध रूप से जल दोहन का भी मुकदमा कायम किया जाए।
दरअसल, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को कुछ संगठनों की ओर से तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर स्विमिंग पूल संचालित किए जाने की शिकायत मिली है। मामले का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को एसएसपी ने सभी सीओ को कहा है कि अपने अपने सर्किल के तमाम स्विमिंग पूलों को सूचीबद्ध कर उनकी जांच करें। पुलिस की इस जांच का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। जांच के दौरान यह भी पता करना है कि स्विमिंग पूल के लिए जो कायदे कानून व मानक सरकार की ओर से तय किए गए हैं क्या उनका पालन किया जा रहा है।
इसके अलावा स्विमिंग पूल में सुरक्षा गार्ड हैं या नहीं। महिलाओं के लिए वहां सुरक्षा के कैसे इंतजाम है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों परतापुर थाना क्षेत्र के हाइवे स्थित वाटर पार्क में महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटना को लेकर काफी बबाल हुआ था। इस प्रकार की घटनाओं का पुनरावृत्ति न हो, इसको लेकर भी निर्देशित किया गया है। स्विमिंग पूल में जाने वालों को डूबने जैसे हादसों से बचाने के लिए जो लाइफ गार्ड रखे गए हैं क्यों उनका भी तैरना आता है या नहीं। दरअसल, सबसे ज्यादा शिकायत इसी बात को लेकर मिली है कि जो भी लाइफ गार्ड या तैराना सिखाने वाले रखे गए हैं,
उनमें से ज्यादातर को खुद तैराना नहीं आता है। स्विमिंग पूल के भीतर महिलाओं के कपडेÞ बदलने का जो स्थान या केबिन है वह भी जांच के दायरे में रहेगा। दरअसल, कुछ मामले में ऐसे स्थानों छिपा कैमरा लगाने के कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं। साथ ही यह भी कि स्विमिंग पूल के लिए जिन जिन विभागों की एनओसी होनी चाहिए क्या वह ली गयी है या नहीं। ऐसे तमाम निर्देश एसएसपी ने सीओ व सभी थानेदारों को दिए हैं।

