Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

दावा विकास का, लेकिन नहीं हुई सड़कों की मरम्मत

वार्ड-27: पार्षद का रिपोर्ट कार्ड

  • सड़कों का टूटा-फूटा होना बना हादसा का सबब

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: महानगर के वीआईपी इलाकों में शामिल पल्लवपुरम के नगर निगम के वार्ड-27 में विकास से ज्यादा रखरखाव का अभाव देखा जा सकता है। वार्ड के अधिकतर मार्गों की दशा सड़कों की टूटी-फूटी अवस्था और गलियों में बिछाई गई पाइप लान के बाद उखड़ी टाइल्स अव्यवस्था का खुला प्रमाण पेश करती है। पल्लवपुरम फेज वन की सड़कों जगह-जगह टूटी पड़ी है।

जिसके चलते लोगों का आना-जाना दुभर हो रहा है। जिससे हर समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है। इस वार्ड में रहने वाले वाशिंदों का कहना है कि नगर निगम के दावे बारिश में हवा साबित होते हैं। यह वार्ड अवैध अतिक्रमण के लिए भी बेहद चर्चा में रहता है। इस वार्ड में आज तक अतिक्रमण के खिलाफ कोई अभियान नहीं चल सका। सर्विस रोड तक पर भी लोगों ने कब्जा कर लिया है।

23 3

पल्लवपुरम फेज-वन के वार्ड-27 में 15 हजार के करीब वोटर है। लगभग 30 हजार के करीब यहां की आबादी है। यहां विकास के रूप में सड़कों की मरम्मत नहीं हुई। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। इस वार्ड के वाशिंदे मनोज शर्मा का कहना है कि यहां की सड़कें खराब है। चलना दुभर हो गया है। बार-बार शिकायतों के बाद भी नगर निगम द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया।

जिसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हालात और भी ज्यादा खराब हो जाएंगे। पं. शौकि ंद्र भारद्वाज का कहना है कि विकास के नाम पर यहां सिर्फ जनता के साथ खिलवाड़ हुआ है। नगर निगम द्वारा कुछ ऐसे काम थे। जिन्हे नगर निगम द्वारा कराया जा सकता था, लेकिन नगर निगम द्वारा इन कार्यों को नहीं कराया गया।

प्रदीप जगत सिंह का कहना है कि यहां सड़कों की मरम्मत करके यहां आने जाने वाले लोगों को राहत दी जा सकती है, लेकिन सड़कों का टूटा होना और रखरखाव करने में नगर निगम पूरी तरह विफल रहा है। पल्लवपुरम से चारों ओर जाने वाली सड़कों के मुहाने जगह-जगह टूटी-फूटी अवस्था में है। जिनसे निकलने वाली बजरी से वाहनों के फिसलने का कारण बनती है और लोग चोटिल हो जाते हैं।

परविंद्र का कहना है कि वार्ड में जो नागरिकों को विकास की जरूरत थी। वह विकास काफी हद तक हुआ है। हालांकि कुछ कार्यों का न होना सरकार द्वारा बांधा उत्पन्न करना है। रिंकू पल्हैड़ा का कहना है कि पार्षद द्वारा वार्ड में करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं, लेकिन यह कार्य होने के बाद रखरखाव होना जरूरी है।

इसके लिए जनता का भी सहयोग बेहद जरूरी है। वार्ड में जो भी कुछ समस्या बची है। उसका मुख्य कारण रहा है कि पार्षद जिस पार्टी से बने हैं। उस पार्टी की प्रदेश में सरकार नहीं है। इसलिए यहां विकास कार्य जो कराने के लिए पार्षद द्वारा प्रयास किए गए।

पार्षद का कथन

वार्ड-27 के पार्षद प्रदीप वर्मा पल्हैड़ा का कहना है कि इस वार्ड में उन्होंने 15 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए हैं। वार्ड में सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया। जल निकासी के लिए बड़े नाले का निर्माण कराया। जिससे वार्ड की जल निकासी का प्रबंध हुआ।

2.50 करोड़ रुपये की लागत से पल्लवपुरम फेज एक के डिवाइडर रोड का निर्माण कार्य शुरू कराया। फेज एक के डीएच पार्क का 90 लाख रुपये की लागत से निर्माण कराया। पार्षद ने दावा किया वार्ड में रुके अधूरे विकास कार्यों को कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल रहा है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img