- मंडी बंद रहने से वीरान है और देखने में एक भूत बंगले जैसी नजर आती है
- दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट गहराया और पाई-पाई के लिए हुए मोहताज
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: कोरोना संक्रमण से करीब एक माह से लॉकडाउन चल रहा है। जिसके चलते नगर के मुख्य बाजार स्थित सब्जी की फुटकर मंडी एक माह से बंद पड़ी हुई है। मंडी बंद होने से इसमें दुकान करने वाले सैकड़ों दुकानदार बेरोजगार हो गए है।
उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है, जो घरेलू खर्च करने के लिए पाई-पाई के लिए मोहताज हो गए है। दुकानदारों की मांग है कि मंडी को भी परचून की दुकानों की तरह कुछ घंटे खोलने का मौका दिया जाएगा। ताकि उनका रोजगार चल सके। बंद मंडी वीरान पड़ी हुई है और देखने में इसका हाल एक भूत बंगले जैसा नजर आता है।
बता दे कि कोरोना की दूसरी लहर ने ऐसा कहर बरपाया हुआ है कि हर किसी को अपनी जान की पड़ी है। रूकती सांसों के बीच लोगों के सामने पेट भरने का भी बड़ा संकट है। लॉकडाउन लगने से लोगों के रोजगार छीन गए है और लोगों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। लोगों को कमाई का कोई विकल्प नहीं दिखाई दे रहा है। लॉकडाउन चलने से करीब एक माह से नगर के मुख्य बाजार स्थित सब्जी की फुटकर मंडी बंद पड़ी हुई है। मंडी से क्षेत्र के करीब 150 गांव जुड़े है।
जिनसे हजारों की संख्या में लोग प्रतिदिन मंडी में सब्जी लेने के लिए आते थे। मंडी में सैकड़ों दुकानदार सब्जियों की दुकान लगाते थे। लॉकडाउन से पूर्व मंडी में ऐसी चहल-पहल रहती थी कि पैर रखने की जगह भी ग्राहकों को नहीं मिलती थी। लेकिन जालिम कोरोना ने सारी चहल-पहल छीन ली है। जिसके साथ मंडी के दुकानदारों का भी रोजगार छीन गया है। मंडी बंद होने से सैकड़ों दुकानदार बेरोजगार हो गए और उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया। जो घरेलू खर्च के लिए पाई-पाई के मोहताज हो रहे है।

