- खैर नगर स्थित बिना मानचित्र स्वीकृति के बना दिया बेसमेंट
- एमडीए ने अब तक क्यों नहीं की बिल्डिंग सील ?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खैर नगर स्थित पांच मंजिली कॉम्प्लेक्स का मानचित्र निरस्त किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया प्राधिकरण ने आरंभ कर दी हैं। इसके लिए एमडीए की तरफ से बिल्डर को नोटिस भेजा गया है। तत्कालीन प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने इस कॉम्प्लेक्स का मानचित्र सशर्त स्वीकृत किया था। कहा गया है कि खैर नगर मुख्य मार्ग से इस कॉम्प्लेक्स का मुख्य गेट होगा।
वहीं बिल्डर ने मानचित्र में भी दर्शाया हैं, लेकिन मुख्य गेट खैर नगर रोड पर करने की बजाय बुढ़ाना गेट की तरफ जाने वाली रोड पर खोल दिया है। यही नहीं, पांच मंजिला निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट भी बनाया गया है, जिसका मानचित्र में कोई जिक्र नहीं है।
बिल्डिंग भी मानचित्र के विपरीत बनाई जा रही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर प्राधिकरण सीटीपी मुश्त्याक अहमद ने पूरी फाइल सोमवार को तलब कर ली तथा कहा कि जब बिल्डर मुकेश अग्रवाल ने शर्त के विपरीत कार्य किया है तो क्यों नहीं बिल्डर का मानचित्र निरस्त कर दिया जाए।
इसका नोटिस भी बिल्डर को भेजा गया है। अब पूरा मानचित्र एमडीए निरस्त कर रहा हैं। इसकी रिपोर्ट जेई स्तर से भी मांगी गई है। यही नहीं, बेसमेंट भी मानचित्र में नहीं दर्शाया गया है। जब बिल्डिंग में बेसमेंट बना है तो फिर कैसे एमडीए के इंजीनियरों ने मानचित्र स्वीकृत कर दिया।
बाकायदा एमडीए के इंजीनियर साइट का पहले निरीक्षण करते हैं, फिर उसी रिपोर्ट के आधार पर मानचित्र स्वीकृत किया जाता है। बेसमेंट तो पहले से ही बना हुआ था, फिर एमडीए इंजीनियरों ने मानचित्र कैसे स्वीकृत कर दिया, यह बड़ा सवाल है।
मानचित्र के विपरीत एक बाथरूम का निर्माण करने पर भी एमडीए तमाम नोटिस भेज देता हैं, मगर यहां तो पूरा बेसमेंट ही तैयार था। बताया गया कि बिल्डिंग का निर्माण पहले ही कर दिया गया था तथा बाद में मानचित्र सशर्त स्वीकृत किया गया था। इसमें एमडीए कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है, यह बड़ा सवाल है। इसमें प्राधिकरण उपाध्यक्ष को भी विभागीय इंजीनियर गुमराह कर रहे हैं।

