Wednesday, April 22, 2026
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विता और नृत्य का समन्यव

Ravivani 33


पुणे : कविता और नृत्य के साझा प्रयोजन और संबंधों के प्रयोगों ने कला के क्षेत्र में हमेशा ही नवीन विचारों और दर्शन को जन्म दिया है। हाल ही में पूणे में आर्टलिंक्स कत्थक नृत्य इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ‘समन्वय प्रोजेक्ट’ में ऐसा ही कुछ देखने को मिला। आर्टलिंक्स की फाउंडर प्रियंका पांडेय और बहुचर्चित कत्थक नृत्यांगना पांडेय ने हाल ही में प्रकशित स्वाति शर्मा के चर्चित कविता संग्रह ‘सोलो ट्रिप पर जाती सखी’ पर एक प्रोग्राम की परिकल्पना और आयोजन किया। कविताओं, अभिनय, नृत्य और संगीत के समागम से अभिभूत हुए रसिक इस अनूठे अनुभव के साक्षी रहे।

कार्यक्रम में अभिनीत की गर्इं, सभी कृतियों का सृजन आर्टलिंक्स के छात्रों द्वारा स्वाति शर्मा की कविताओं के आधार पर किया, जिसकी नृत्य संयोजना प्रियंका पांडेय ने की। कार्यक्रम में संगीत का सबसे बड़ा योगदान और साथ मिला प्रियंका के तबला गुरु और आर्टलिंक्स के मेंटर प्रख्यात उस्ताद राहुल आचार्य जी और बांसुरीवादन में प्रख्यात कलकार अजहरुद्दीन शेख का। लाइव संगीत पर कविताओं के प्रदर्शन में लगभग सभी आयुवर्ग के शिष्य मौजूद थे।

पिछले दिनों हिंजेवाड़ी, पुणे में स्थित आर्टलिंक्स के स्टूडियो में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के पहले दिन कविता की दृश्य प्रस्तुति पर वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमे कवि स्वाति शर्मा ने कविता, उसे पढ़ने और समझने की विधि, और उसके गुण परखने के बिंदु साझा किए। प्रियंका ने शास्त्र, नृत्य और अभिनय के आधार पर कविता दर्शाने के पहलुओं पर प्रकाश डाला। वर्कशॉप में 8 साल से ले कर 60 साल तक के शिष्यों ने स्वाति की मुकरियों पर ‘इम्प्रॉम्प्टू’ (तात्कालिक) प्रदर्शन किया।

आयोजन का दूसरा दिन पोएट्री थिएटर और नृत्य प्रदर्शन के नाम रहा। ‘सोलो ट्रिप पर जाती सखी’ की कुछ चुनिंदा कविताओं को ले कर नृत्य प्रदर्शन, लघु एकांकी नाटक, कविता गायन, एवं काव्य पाठ आयोजन का हिस्सा रहे। 2 घंटे चले कार्यक्रम की शुरुआत स्वाति द्वारा ‘थोड़ा अर्जेंट है’ कविता के पाठ से हुई। अगले हिस्से में 6 से 10 साल की शिष्याओं ने ‘बारिश’ कविता पर मशहूर जर्मन डांस थिएटर कलाकार पीना बाउश की कृति ‘सीजन्स मार्च’ से प्रेरित नृत्य और रंगमंच की जुगलबंदी प्रस्तुत की। इस रचनांश में अपने शिष्यों का साथ देते हुए प्रियंका पांडेय ने स्वाति के कविता पाठ पर एकल प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का अहम हिस्सा रही कविता ‘हार’ पर जूनियर और सीनियर शिष्यों के संगम से बनी नाटक प्रस्तुति बेहग शानदार थी। आर्टलिंक्स की एक जूनियर शिष्य ने ‘जीवन धनुष’ कविता को स्वयं एकांकी गायन और नृत्य द्वारा प्रस्तुत किया। इंस्टीट्यूट के सीनियर शिष्यों ने ‘तुम्हारी वाली चाय’ और ‘मैं क्या हूं’ पर चर्चा आधारित एकांकी नाटक प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में स्वाति अंग्रेजी की कविताओं की भागीदारी सोलो गायन और गिटार वादन द्वारा रही। स्वाति ने अजहरुद्दीन शेख के बांसुरीवादन और राहुल आचार्य के तबलावादन के साथ ‘दिवेआगार’ और ‘सफेद कमीज’ कविता का पाठ किया। स्वाति की चर्चित कविता ‘सोलो ट्रिप पर जाती सखी’ के पाठ को दर्शकों की प्रशंसा मिली।

कार्यक्रम का अंत स्वाति के साथ स्टूडेंट्स और दर्शकों की बातचीत के साथ हुआ, जिसमें उनके लेखन की यात्रा, समकालीन कविता, कविता के मानी, कविता के संदर्भ, साहित्य की मुखाकृति, भाषाओं का महत्व, अन्य प्रिय कवियों और कविताओं पर बात हुई। कलाओं के संगम को केंद्र में रख कर बने कार्यक्रम में दर्शकों के साथ परंपरागत नृत्य शैलियों और कविता के शाश्वत संबन्ध पर भी रोशनी डाली गयी। कार्यक्रम के अंत में स्वाति ने एक नयी कविता ‘रिमाइंडर’ का पाठ भी किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन रेवती जाधव ने किया जो प्रियंका की शिष्या भी हैं। आर्टलिंक्स कत्थक इंस्टीट्यूट भारतीय परम्परागत नृत्य कला के साथ दूसरी कलाशैलियों, कला के प्रयोगात्मक रूप, और डांस मूवमेंट थेरेपी को प्रोत्साहन देने का कार्य करता है।


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