Wednesday, February 28, 2024
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निगम ईईसीएल की बड़ी बकायेदार, करोड़ों का बकाया

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  • शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था में सुधार को करीब पांच करोड़ के बजट से 10 हजार स्ट्रीट लाइटें लगवाने की दरकार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम ईईसीएल कंपनी की इतनी बड़ी बकायेदार हो गई है कि उसके बकाया पेमेंट का भुगतान नहीं करने का असर शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पर पड़ने लगा हैं। क्रांतिधरा पर यदि शहर की जनता द्वारा पथ प्रकाश व्यवस्था पर अपनी जेब से खर्च करके लाइटें न लगवाई होती तो क्रांतिधरा 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन मनाई जाने वाली दिवाली के दिन भी अंधेरे में डूबी दिखाई देती।

नगर निगम पर ईईसील का करीब 25 करोड़ रुपये का बकाया होने के चलते बड़ी बकायेदार हो गई है। इतनी बड़े कर्ज के बोझ तले खुद को नगर निगम भले ही दबा हुआ न मानती हो, लेकिन ईईसीएल ने नगर निगम के अधिकारियों के जारी आदेशों पर कार्रवाई करना पूरी तरह से बंद कर दिया है। भले ही दिवाली या फिर कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हो यहां तक कि 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन के दौरान समूचे देश में दिवाली पर पथ प्रकाश व्यवस्था सुचारू रही,

लेकिन क्रांतिधरा के कई वार्डों में पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी रही। ईईसीएल कंपनी के द्वारा नई लाइट लगवाने एवं पुरानी/खराब लाइटों की मरम्मत का कार्य कराने से हाथ पीछे खींच लेने के बाद नगर निगम द्वारा आॅफ लाइन टेंडर के जरिये 22 जनवरी से पूर्व करीब साढेÞ 400 लाइटें नई व 300 लाइटें अन्य लगवाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन वह भी कुछ वार्डों में ही लगवाई जा सकी है। जिन वार्डों में अभी लाइटें नहीं लगी उन वार्डों के पार्षद नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं।

Street lamp post

वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना ने बताया कि नगर निगम द्वारा 22 जनवरी से पूर्व सभी 90 वार्डों में 6-6 लाइटें लगवाने की बात कही थी, लेकिन उनके वार्ड में 24 जनवरी तक भी लाइटें नहीं लग सकी। इसमें वार्ड-71, 72, 75, 76, 80, 81, 82, 83 पार्षद फजल करीम का कहना है कि स्ट्रीट लाइटें खराब होेने व नई लाइटें नहीं लगवाये जाने के चलते पथ प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी चल रही है। इन सभी पार्षदों ने पथ प्रकाश निरीक्षक राजेश कुमार व नगरायुक्त को शिकायती पत्र देते हुये पथ प्रकाश व्यवस्था ठीक कराने की मांग की है।

पार्षदों का कहना है कि ईईसीएल कंपनी का यदि इतनी बड़ी बकायेदारी है तो उसका भुगतान क्यों नहीं किया जाता? ताकि शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था सुचारू हो सके। यदि ईईसीएल नगर निगम के अधिकारियों की नहीं सुन रही तो उसके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा।

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ईईसीएल कंपनी को कई बार इस संबंध में पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन उसके द्वारा शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था में सहयोग नहीं किया जा रहा है। ईईसील का नगर निगम पर करीब 25 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसके चलते नगर निगम व ईईसीएल के बीच शहर में लाइटें लगवाई जाने को लेकर सामंजस्य नहीं बन पा रहा है। जल्द ही पथ प्रकाश व्यवस्था हो उसके लिये नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा संज्ञान लिया जा रहा है। -राजेश कुमार, पथ प्रकाश निरीक्षक

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