Sunday, August 7, 2022
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निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान फेल

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  • हाईकोर्ट के आदेश रखे ताक पर, सड़कों पर फिर से हो गया अवैध कब्जा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने कुछ दिन पहले जोर-शोर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, जिसकी अब हवा निकल गई है। जिन स्थानों को नगर की टीम ने लाव-लश्कर के साथ अतिक्रमण मुक्त किया था वहां अब फिर से कब्जा हो गया है। क्या इससे हाईकोर्ट के आदेश व निगम के अभियान को पलीता नहीं लग रहा यह बड़ा सवाल है। निगम ने इन स्थानों पर चलाया था अतिक्रमण के खिलाफ अभियान।

हाईकोर्ट के आदेश को किस तरह पलीता लगाया जाता है। इसका जीता-जागता उदाहरण शहर के वह इलाके जहां हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान निगम का प्रवर्तन दल दस्ता जेसीबी मश्ीान से लेकर तमाम लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंचा और अपने काम को अंजाम दिया, लेकिन निगम के उदासीन रवैये की वजह से इस अभियान की हवा निकल गई। शहर के अन्य इलाकों का भी यही हाल है जिनमें रोहटा रोड, मवाना रोड, कंकरखेड़ा, बागपत रोड, भुमिया पुल, शारदा रोड, हापुड़ रोड, एल ब्लॉक चौराहा जैसे इलाके शामिल है।

भगत सिंह मार्केट

हापुड़ अड्डे पर स्थित भगतसिंह मार्केट से निगम ने कुछ दिनों पहले ही अतिक्रमण हटावाया था, लेकिन अब फिर से यहां पर दुकानदारों ने अवैध रूप से सड़क पर कब्जा कर लिया है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर स्टैंड बोर्ड रख दिये है, साथ ही दुकानों के आगे रेहड़ी-ठेले वालों को भी खड़ा कर दिया है।

इससे न केवल सड़क से गुजरनें वाली आम जनता को परेशानी हो रही बल्कि निगम के अभियान को भी धता बताते हुए सड़क पर कब्जा करा दिया गया है। यहां के हालात देखनें से यह साफ हो जाता है कि दुकानदारों के लिए आम जनता की समस्या कोई मायने नहीं रखती। जिस तरह से अतिक्रमण किया गया है उससे इस संभावना को बल मिलता है कि निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से ही यह संभव है।

गढ़ रोड

सोहराब गेट बस अड्डे से लेकर नई सड़क तक निगम की टीम ने अतिक्रमण पर प्रहार करते हुए सड़क को कब्जामुक्त किया था, लेकिन अब फिर से यहां पर दुकानों के सामने अवैध रूप से सड़क पर कब्जा हो गया है। हटाए गए साइन बोर्ड व स्टैंड बोर्ड फिर अपनी पुरानी जगह पर लगा दिए गये है।

रेहड़ी-ठेले वालों ने फिर अपनी पुरानी जगहों पर अस्थाई रूप से कब्जा कर लिया है। साथ ही नई सड़क के मोड़ पर बनी अस्थाई फ्लावर डेकोरेशन व अन्य दुकाने चलानें वाले दुकानदारों को निगम का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। तभी हटाई गई दुकानों को फिर से सजा दिया गया है, निगम के अधिकारी भी खामोशी से यह सब देख रहे है लेकिन कोई भी ठोस कार्यवाही नही की जा रही है।

जलीकोठी

भैंसाली बस अड्डे से फैज-ए-इंटर कॉलेज तक तहसील के बराबर में निगम के प्रवर्तन दल ने अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन को कब्जामुक्त किया था। लेकिन अब फिर से यहां पर सड़क किनारे दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। गौरतलब है कि यहां पर रैपिड रेल व मेट्रों रेल का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पहले से ही यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।

बावजूद इसके अतिक्रमण करने वालों ने आम जनता के लिए परेशानी पैदा करते हुए कब्जा कर लिया है। जलीकोठी के आसपास का इलाका बेहद संवेदनशील है बावजूद इसके यहां दुकानदारोंन ने अवैध रूप से सड़क पर कब्जा कर रखा है। निगम भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ती करता है। जो उसके दुकानदारों के प्रति लचीले व्यवहार की तरफ इशारा कर रहा है।

लालकुर्ती

कैंट स्थित लालकुर्ती सब्जीमंडी से भी कैंट बोर्ड की टीम ने अतिक्रमण हटाते हुए सब्जी ठेली वालों को हंडिया मोहल्ले वाली सड़क पर भेजा था, लेकिन अब फिर से सब्जी मंडी की सड़क पर ठेले लगने लगे है। इसी वजह से यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है, यहां से पैंठ ऐरिया को जाने वाली सड़क पर भी दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है। यह इलाका मेरठ कैंट के अधीन है,

यहां पर लगातार हो रहे अतिक्रमण की वजह से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन कैंट प्रशासन ने तो जैसे इस और से आंखे मूंदी हुई है। यहां पर आवारा पशुओं का भी जमावड़ा लगा रहता है जिनके द्वारा राहगीरों को भी चोट पहुंचाने के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं।

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