- निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय, प्रमुख सचिव ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गढ़ रोड और नई सड़क मार्ग के किनारे फूल और मालाएं बेचने वाले दुकानदारों के खोखे नगर निगम के द्वारा जेसीबी लगाकर उजाड़ दिये थे। इस मामले में जय शिव खोखा व्यापार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नगर निगम मेरठ के सहायक नगर आयुक्त बृजपाल एवं प्रर्वतन दल के 20 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इससे पहले निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय और प्रमुख सचिव ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
गढ़ रोड मुख्य मार्ग एंव नई सड़क मार्ग के किनारे जय शिव खोखा व्यापार एसोसिएशन के लगभग 93 खोखा लगाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया था। पंजीकृत पथ विक्रेताओं को उजाड़ने और हटाने वाले निकाय कर्मियों और अधिकारियों एंव पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश शासन ने दिये, लेकिन नगर आयुक्त के निर्देश पर सहायक नगर आयुक्त के नेतृत्व में दल बल सहित हम सभी गरीब एवं असहाय निर्धनवर्ग के पथ विक्रेताओं के परिवारों की खोखा को ध्वस्त कर भूखों मरने की कगार पर खड़ा कर दिया है।

विस्थापन एंव पुर्नवास की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। नगर निगम द्वारा हम पथ विक्रेताओं के लिए किसी भी उपयुक्त व्यवसायिक स्थल पर स्ट्रीट वैंडिंग जोन विकसित नहीं किया है। नष्ट करने की कार्रवाई करने वाले सहायक नगर आयुक्त एवं उनके सहयोगियों व प्रर्वतन दल के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने तथा हम 93 पथ विक्रेताओं के लिए उपयुक्त स्थल पर अथवा पूर्व स्थल पर ही जीविकोपार्जन की व्यवस्था कराने का कष्ट करें।
नगर आयुक्त से पुन: मांगा स्पष्टीकरण
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट मेरठ ने एक मामले में नगर आयुक्त मेरठ को 12 सितंबर 2022 तक न्यायालय में पुन: स्पष्टीकरण सहित तलब किया है। विशेष लोक अभियोजक निशांत गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ शाखा नगर निगम मेरठ ने नगर निगम के खिलाफ सफाई कर्मचारियों के उत्पीड़न की रिपोर्ट न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराई थी।
जिस संबंध में उस दिन काम किए गए, मजदूरों की सूची न्यायालय ने मंगाई थी। जिसके अनुपालन में गुरुवार को विभाग द्वारा न्यायालय को सूची उपलब्ध कराई और अपना स्पष्टीकरण न्यायलय में दिया। न्यायालय ने पाया कि विभाग ने स्पष्टीकरण सही रूप से नहीं दिया है। जिसके बाद न्यायालय ने नगर आयुक्त को पुन: स्पष्टीकरण के साथ 12 सितंबर को न्यायालय में बुलाया है।

