Saturday, June 22, 2024
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“ माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय” के नाम को बदलने की मांग

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  • शाकम्भरी जयन्ती पर एक लाख लोगों के हस्ताक्षर से शुरू किया जाएगा “जन जागरण अभियान”

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: दिव्य शक्ति अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर परमतत्ववेता सन्त कमलकिशोर महाराज की अध्यक्षता मे बेरीबाग के एक मन्दिर के प्रांगण में धर्माचार्यों ने एकत्रित होकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) से सम्बन्धित कॉलेजों के हजारों विद्यार्थी जब डिग्री लेकर जाएंगे तो उनकी डिग्री पर शाकुंभरी विश्वविद्यालय (यूनिवर्सिटी) लिखा होगा, जो कि बिल्कुल गलत है।

उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार इसका शुद्ध नाम “माँ शाकम्भरी विश्वविद्यालय” होना चाहिए। सन्त कमलकिशोर ने शास्त्रों के प्रमाण देते हुए कहा कि मार्कण्डेय पुराण, दुर्गा सप्तशती, श्रीमद् देवीभागवत, मूर्ति रहस्यम, स्कंद पुराण तथा अन्य धार्मिक प्रामाणिक पुस्तकों में शुद्ध नाम शाकम्भरी माता है ना की पण्डित शिवम देव वशिष्ठ ने इसे एक अत्यंत सिद्धपीठ की संज्ञा देते हुए कहा कि मान्यताओं के अनुसार यह ऐसी शक्तिपीठ है जहां पर सती का शीश गिरा था। इसे भगवती शताक्षी का सिद्ध स्थान भी माना जाता है।

पण्डित अमित देव वशिष्ठ ने कहा कि देवी के नाम का उच्चारण शुद्ध रूप से होना चाहिए। अशुद्ध उच्चारण तथा लेखन से हिंदू जनमानस की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। पण्डित उद्धव कोदण्ड ने माँ शाकम्भरी देवी क्षेत्र को प्रत्यक्ष शाकेश्वर महादेव का सिद्धिदायक क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह प्रछींकल से ही ऋषियों,मुनियों की तपोस्थली रहा है अतः शासन एवं प्रशासन को अतिशीघ्र संज्ञान लेकर इसका नाम शाकुंभरी से शुद्ध नाम शाकम्भरी देवी कर देना चाहिए।

पण्डित राजकुमार भारद्वाज ने उपरोक्त का अनुमोदन करते हुए समाज के सभी वर्गों से इस अभियान मे जुड़ने का आह्वान किया। सभा में सर्वसम्मति से आगामी 6 जनवरी 2023 को एक लाख लोगों के हस्ताक्षर करवाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को ज्ञापन देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सभा का संचालन धीरेन्द्र सिंह राठौर ने किया।

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