Wednesday, May 29, 2024
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उम्र बढ़ने के साथ आहार भी बदलें

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शिखा चौधरी |

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर अनेक बीमारियों से घिरता चला जाता है। डॉक्टर भी तरह-तरह के परहेज बता देते हैं। फिर भी कोई फायदा नहीं होता तो व्यक्ति बुरी तरह परेशान हो जाता है कि वह क्या खाये और क्या न खाये। कुछ अच्छा खाने को सभी का मन करता है। फिर ये परहेज, जिनसे कोई फायदा भी महसूस नहीं होता, किस काम के। उम्र के साथ बढ़़ते रोगों में ब्लड प्रेशर की समस्याएं, मोटापा, कमजोरी वगैरह मुख्य होते हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है? ये समस्याएं उम्र के साथ ही क्यों बढ़ती हैं? इसका सिर्फ एक ही कारण होता है- बचपन से ही उचित आहार का सेवन न करना।

डांट डपट के बाद भी बच्चे अपनी मर्जी का भोजन करते हैं। टॉफियां, चॉकलेट जैसी चीजों की उनकी आदतें दूर करना मुश्किल होता है। वे तो नासमझ होते हैं मगर मां-बाप उन्हें हैल्थ-ड्रिंक देकर सोचते हैं कि इससे उनका आहार पूरा हो जाएगा मगर जो तत्व प्राकृतिक आहार से मिलते हैं, उनका प्रभाव शरीर पर ज्यादा लाभप्रद होता है जिससे बढ़ती उम्र में रोगों को बढ़ावा मिलने से मुक्ति मिलती है।

संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन एवं अन्य तत्वों की मात्राएं निश्चित होती हैं। यदि किसी भी तत्व का ज्यादा सेवन हो तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन जाता है। यदि एक बच्चा मिठाइयों, टॉफियों व आइसक्र ीम जैसी चीजों का शौकीन है और ये सब उसके आहार में शामिल हैं तो उसके शरीर में कार्बोहाइडेÑट एवं स्टार्च की मात्रा बढ़ जाती है। फलस्वरूप इन चीजों के प्रभाव उम्र के साथ बढ़ते हैं। शरीर का मोटापा व रक्तचाप की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
सिर्फ कार्बोहाइड्रेट ही नहीं, प्रोटीन, विटामिन व वसा आदि भी अधिक मात्रा में प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। इन सबको एक निश्चित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनायें। कार्बोहाइडेÑट युक्त पदार्थों में आलू, गेहंू, चावल, अरबी, प्याज, फल, मिठाइयां आदि मुख्य हैं। इन्हीं पदार्थों के सेवन से शरीर में कार्बोहाइडेÑट की मात्रा बढ़ती है। हरी सब्जियां, दालें, दूध, दही, अंडा इत्यादि विटामिन एवं प्रोटीन के मिले-जुले स्रोत हैं।

संतुलित आहार में बच्चों को दूध, दही, सोयाबीन, दालें, हरी सब्जियां व गाजर देनी चाहिए। आलू, प्याज, बिस्कुट, चॉकलेट, चावल जैसी चीजों को कम मात्रा में प्रयोग करें। युवाओं के संतुलित आहार में दालें, दूध, हरी सब्जियां, पनीर मुख्य आहार हैं। आइसक्र ीम, चाकलेट, आलू व चावल की आदतों से दूर रहना चाहिए।

वृद्ध व्यक्तियों को दालें, दही व हरी सब्जियां आहार में दें। आलू, प्याज, गेहंू व चावल का प्रयोग कम से कम करें। कम से कम मात्रा में काबोर्हाइडे्रट युक्त चीजें दें। संतुलित आहार के अभाव में बुढ़ापे में अनगिनत बीमारियां परेशान करने लगती हैं इसलिए संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दें।


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