Tuesday, February 24, 2026
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पॉलिटेक्निक कॉलेज का जर्जर हो रहा भवन, कब शुरू होंगी कक्षाएं ?

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत 2012 में बना था पॉलिटेक्निक कॉलेज 

विधायक अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी को लिख चुके हैं पत्र


जनवाणी संवाददाता |

बड़ौत: विधानसभा क्षेत्र छपरौली के ग्राम किरठल मे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2011-2012 मे राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण कार्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के द्वारा कराया गया था। संस्था के अनावासीय व आवासीय भवनों का निर्माण कार्य काफी समय पहले पूर्ण हो चुका था।

वर्तमान में इसकी इसकी केवल चारदीवारी शेष है। छपरौली के विधायक सहेन्द्र सिंह रमाला ने किरठल पॉलिटेक्निक कॉलेज को चलवाने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी को एक साल पहले इसे चालू कराने के लिए पत्र भी लिखा था। लेकिन करीब दस साल में कॉलेज भवन जर्जर होना शुरू हो गया है। करोड़ों रुपए की संपत्ति यूं ही बर्बाद हो रही है। इससे किसी छात्र का भला नहीं हो पाया।

किरठल गांव स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन पाठ्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रीकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनिर्यारेंग हैं। इस भवन में कोई भी कक्षा नहीं चल रही है। भवन जर्जर हालत में पहुंचना शुरू हो गया है। यहां इसकी कोई देखभाल भी नहीं है। न ही इसकी कोई चारदीवारी बनाई गई है।

करोड़ों रुपए की लागत से यह भवन बना हुआ है। लेकिन छात्रों का इंतजार तो कर रहा है। सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आश्चर्य यह है कि यहां की की कक्षाएं मेंटर संस्था राजकीय पॉलिटेक्निक सहारनपुर में संचालित की जा रही हैं।

शैक्षिक सत्र प्रारम्भ न होने के कारण संस्था का निर्मित भवन जर्जर होता जा रहा है। इसके अलावा इस संस्था के आसपास कोई अन्य राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज नहीं है। जिस कारण आसपास के छात्र पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के लिए दूरदराज के कॉलेज में प्रवेश लेने को मजबूर है। छ्परौली के भाजपा विधायक सहेन्द्र सिंह ने एक साल पहले इस संस्था को नियमित रूप से चलाने के लिए केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी को पत्र लिखकर मांग की थी।

उन्होंने बताया था कि संस्था की चारदीवारी कराकर शैक्षिक सत्र प्रारम्भ कराया जाना क्षेत्र छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक है। विधायक सहेन्द्र सिंह ने पत्र द्वारा अवगत कराते हुए बताया कि चारदीवारी न होने के कारण आसपास के कुछ व्यक्ति संस्था की भूमि का दुरुपयोग कर रहे हैं और आवारा पशु भी संस्था परिसर में विचरण करते हैं। इसलिए संस्था में शैक्षिक सत्र प्रारम्भ करना क्षेत्र के युवाओं के हित में है।

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