- पुलिस के हाथ-पैर फूले, मुक्ति का कोई समाधान नहीं
- घंटों लगे भीषण जाम को पुलिस ने बमुश्किल खुलवाया
जनवाणी संवाददाता |
मवाना: नगर में प्रतिदिन लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी से लेकर नगरपालिका प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। समाधान दिवस से वापस लौट रहे डीएम की गाड़ी जाम में फंसने के बाद पुलिस के हाथ-पैर फूल गये और आनन-फानन पुलिस ने फलावदा तिराहे पर जाम के झाम में फंसे डीएम के वाहनों को निकलवाया। इस मौके पर एंबुलेंस भी फंसने से मरीजों की जान पर बनी रही।
नगर में भीषण जाम से लोग हलकान हो रहे थे वही पुलिसकर्मी भी जाम खुलवाने में हांफ रहे हैं। मवाना तहसील समाधान दिवस में समस्या सुनने पहुंचे डीएम दीपक मीणा के वापस लौटने पर नगर में लगने वाले जाम के झाम का सामना करना पड़ा। डीएम करीब आधा घंटे तक जाम में फंसे रहे। डीएम ने स्थानीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जाम को खुलवाने के निर्देश दिये।
डीएम की गाड़ियों को जाम में फंसे देख पुलिस के हाथ-पैर फूल गये और बमुश्किल वाहनों को एक साइड कर डीएम दीपक मीणा की गाड़ियों को निकलवाया। इसी क्रम में जाम में एंबुलेंस फंसने से मरीजों की जान पर बन गयी। पुलिस ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया। लोगों का कहना है कि नगर को अतिक्रमण ने अपनी जद में ले लिया है। जिससे प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक जाम के झाम का जनता को दंश झेलना पड़ रहा है।

नगर में हो रहे अतिक्रमण एवं डग्गामार वाहनों के साथ अवैध ई-रिक्शा तथा प्राइवेट बसों की धीमी रफ्तार के साथ फुटपाथ पर बने वाहनों का पार्किंग स्थल है। तीन घंटे तक नगर के मुख्य मार्ग से लेकर पक्का तालाब तक भीषण जाम लगने से राहगीरों के साथ एंबुलेंस में सवार मरीजों को भी जाम की मार झेलनी पड़ी। नगर में लगने वाले भीषण जाम से लोगों को निजात दिलाने के लिए थाना पुलिस को रोज इधर से उधर दौड़ना पड़ता है।
एसडीएम अखिलेश यादव ने पुलिस एवं नगरपालिका ईओ राजीव जैन से टीम को लेकर अतिक्रमण पर शिकंजा कसने के आदेश जारी किए हैं। नगर में जाम का झाम लोगों के नासूर बन गया है। ये सोचने का विषय है। आखिरकार मवाना को कब जाम से मुक्ति मिलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता है।
पारदर्शिता से कराए फरियादियों की जनसमस्या का निस्तारण: डीएम
संपूर्ण समाधान दिवस पर मवाना तहसील सभागार में डीएम दीपक मीणा की अध्यक्षता में सीडीओ शशांक चौधरी, एडीएम एफ पंकज वर्मा एवं एसडीएम अखिलेश यादव एवं सीओ आशीष शर्मा के नेतृत्व में आयोजित समाधान दिवस पर फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान अवैध कब्जे, पुलिस, राजस्व, विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, बिजली-सड़क आदि संबंधित शिकायतें आई।

एडीएम एफ पंकज वर्मा, एसडीएम अखिलेश ने जांच कराकर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में राजस्व विभाग की 26, पुलिस की 8, विकास 4, समाज कल्याण विभाग की 2, विकास की 4 समेत कुल 56 शिकायत पत्र आए। इस मौके पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने नौ समस्याओं का निस्तारण किया गया। इस मौके पर संंबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने तहसील का किया औचक निरीक्षण
डीएम दीपक मीणा सोमवार को तहसील में आयोजित तहसील समाधान दिवस में पहुंचे थे। डीएम दीपक मीणा ने अधिवक्ता संघ के महामंत्री अमित कामिल एडवोकेट एवं बार एसोसिएशन मवाना से जुड़े पदाधिकारियों ने तहसील में आने वाले फरियादियों के समक्ष आ रही दिक्कतों की हकीकत से रूबरू कराया और निराकरण की मांग उठाई।
डीएम ने वकीलों के साथ तहसील परिसर का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण के दौरान तहसील की खामियां खुलकर सामने आ गयी। इस दौरान एसडीएम अखिलेश यादव को तहसील की टूटी चार दीवारी कराने एवं फरियादियों के शौचालय को भी ठीक कराने के आदेश दिए हैं।

अधिवक्ताओं ने डीएम से बताया कि तहसील में बीते तीन महीने से दाखिल खारिज नहीं हो रहा है। तहसीलदार न्यायालय में मौजूद कर्मचारी के पहनावे को देखकर डीएम दीपक मीणा ने नाराजगी जाहिर की। कहा कि कोर्ट में तैनात पेशकार का एक अलग ही पहनावा होता है। जींस टीशर्ट पहनकर न्यायालय में नही आने के निर्देश दिये हैं।
इस मौके पर डीएम ने आरके कार्यालय, एसडीएम न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, लेखा विभाग का भी निरीक्षण किया। डीएम ने तत्काल प्रभाव से सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद तहसील में मिली खामियों को जल्द से जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए हैं।

