- मृतका के दामाद पर शक की सुई, जले हुए डीवीआर और मोबाइल बरामद
- लाखों रुपये की नकदी, ज्वैलरी भी मिली, चार बदमाशों ने दिया अंजाम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दारोगा की पत्नी कौशल चौधरी और उसकी धेवती तमन्ना की हत्या सिर्फ और सिर्फ पैसों के लालच में की गई थी। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड के आरोप में जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से लाखों की नगदी और जेवरात के अलावा जले हुए डीवीआर और मोबाइल बरामद किये गए हैं। पुलिस का पूरा शक मृतका के दामाद पर जा रहा है। वहीं पुलिस ने दामाद का मोबाइल घटनास्थल के बगल में रहने वाले के घर से मोबाइल बरामद किया है।
शास्त्रीनगर जी ब्लॉक में जिस घर में दोहरा हत्याकांड हुआ उस मकान के पिछले दरवाजे से निकलने का रास्ता था। इसकी जानकारी उसको होती है जिसका घर में आना जाना काफी होता है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन तीन बदमाशों को पकड़ा गया है वो शराब के नशे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन जब सख्ती की गई तो उन लोगों ने एक रिश्तेदार का नाम लिया और बताया कि उसके कहने पर लूट और हत्या को अंजाम दिया गया है।
रिश्तेदार का नाम सुनते ही पुलिस अधिकारियों को केस खुलने की राह मिल गई। पुलिस ने तीनों बदमाशों से जले हुए डीवीआर, मोबाइल और करीब बीस लाख रुपये कीमत के जेवरात और नगदी बरामद कर ली। पुलिस ने रिश्तेदार से भी पूछताछ की, लेकिन अभी उसको आरोपी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इस रिश्तेदार को पता था कि घर में काफी मात्रा में नगदी और जेवरात रखे हैं।
जिस तरह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया वो शक की सुई पैदा कर रहा था। दारोगा रतन सिंह के परिवार में दो बेटे गौरव और नवीन व दो बेटियां गुड़िया और नेहा हैं। परिवार में गौरव सबसे बड़ा बेटा है जो वर्तमान में दुबई में रहता है। वहीं छोटा बेटा नवीन मीनाक्षीपुरम में रहता है। बड़ी बेटी गुड़िया दिल्ली में और छोटी बेटी नेहा उम्र 32 वर्ष मेरठ में रहती है। उधर जैसे ही हत्या की सूचना परिवार में कौशल की बेटी नेहा और उसके पति ईशू को हुई तो वे भी वहां आ गये।
मृतका का बेटा नवीन भी अपने परिवार के साथ वहां पहुंच गया। पुलिस ने देखा कि घर के अंदर वाले कमरे में कौशल और कुट्टू के शव खून में लथपथ पडेÞ हैं। आसपास दोनों कमरे का सामान बिखरा हुआ था। घर में रखी एक मिट्टी की गुल्लक भी टूटी हुई थी। वहीं सेफ आलमारी का सामान व कपडेÞ इधर उधर बिखरे हुए पडेÞ थे। पुलिस अफसरों के निर्देश के बाद फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड भी मौके पर बुला लिया गया था।
पुलिस ने नेहा से घटना के बारे में जानकारी की। नेहा ने बताया कि वह रविवार की रात को 12 बजे अपनी मम्मी के पास से गई थी। उसकी बेटी कुट्टू कई साल से अपनी नानी के साथ रहती थी। करीब दस दिन पहले उसने मम्मी और बेटी के लिए एक सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया था। पुलिस ने परिवार के लोगों से घटना के बारे में विस्तृत जानकारी की।
आखिर क्यों लगाया गया सीसीटीवी कैमरा?
शास्त्रीनगर के जिस घर में लूट के बाद दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया उसमें दस दिन पहले सीसीटीवी कैमरा क्यों लगाया गया था। यह यक्ष प्रश्न पुलिस के जेहन में लगातार घूमता रहा कि आखिर बेटी ने किस कारण से कैमरे लगवाये थे। बदमाश वारदात के बाद कैमरे की डीवीआर निकाल ले गए और आग के हवाले कर दिया था। हत्याकांड के बाद पुलिस मृतका की बेटी नेहा से बस एक ही सवाल करती रही कि आखिर दस दिन पहले सीसी कैमरे लगाने की जरुरत क्यों पड़ी।
नेहा को किस बात का डर था? क्या नेहा को पता था कि घर में भारी मात्रा में नगदी और जेवरात रखे हैं? नेहा को किससे डर था कि वो घर में आकर लूटपाट कर सकता है। बदमाश जिस तरह से हत्याकांड के बाद डीवीआर निकाल कर ले गये, उससे लग रहा था कि बदमाश पूरी तैयारी से आये थे। देर रात पुलिस को इस बात का जबाव मिल गया कि नजदीकी रिश्तेदार ही शामिल था हत्याकांड में।
मासूम तमन्ना को बनना था करोड़पति
अपनी नानी कौशल चौधरी के साथ दुनिया से अलविदा हुई तमन्ना को ईश्वर ने भले मंदबुद्धि बनाया हो लेकिन उसके नसीब में करोड़पति बनना लिखा था। दारोगा रतन सिंह ने धेवती के नाम बीस लाख रुपये की एफडी कराई थी। जिस मकान में वो रह रही थी वो मकान भी उसके नाम किया जाने वाला था।
इसके अलावा तमन्ना के स्वर्गीय पिता संदीप चौधरी की मौत के बाद जागृति विहार के सेक्टर पांच में स्थित मकान का आधा हिस्सा उसे मिलना था। इस बाबत अदालत दस अगस्त को फैसला भी देने वाली थी। वक्त को कुछ और मंजूर था। पापा की मौत के बाद मम्मी ने दूसरी शादी कर ली तो उसके सिर से पापा के साथ मम्मी भी दूर हो गई थी। उसका बचपन नानी के आंचल से बंध कर रह गया था।
रिश्तेदारों ने मृतका के बेटे पर जताया शक
नौचंदी थाने में हत्याकांड को लेकर जितनी मुंह उतनी बातें हो रही थी। कोई कह रहा था कि दारोगा का बेटा नवीन अपनी मां से इस बात से नाराज था कि मकान बेटी के नाम कर दिया जाएगा। बड़ा बेटा बचपन में मौसी के पास रहने लगा था और बरसों बाद अपने पापा की मौत पर आया था। रिश्तेदार छोटे बेटे पर शक जाहिर कर रहे थे, लेकिन तस्वीर का रुख बदलते ही सारी तस्वीर साफ हो गई।
नेहा ने बेड से निकाले 22 लाख और जेवर
मां और बेटी की हत्या की खबर लगते ही माधवपुरम से नेहा पति ईशु के साथ शास्त्रीनगर पहुंच गई। मुख्य गेट बंद था, लेकिन पीछे का दरवाजा खुला था। अंदर जाकर देखा तो बेडरूम के गद्दे और अन्य सामान बिखरा पड़ा था। स्नेहा ने सबसे पहले बेड के अंदर रखे 22 लाख रुपये और जेवर निकालकर अपनी गाड़ी में रखे। पुलिस बाद में इन्हीं रुपयों और जेवरों की बरामदगी की बात कर रही है।
चार लाइनों पर काम कर रही पुलिस टीम
पुलिस की छह टीमें चार लाइनों पर काम कर रही हैं। बदमाशों द्वारा लाखों की नकदी ले जाने की जानकारी भी मिली है। संपत्ति के विवाद पर भी पुलिस जांच कर रही है। कुछ सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जल्द पदार्फाश कर दिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया। -रोहित सजवाण, एसएसपी।

