- हत्यारों को पता था कि लूट के बाद हत्या नहीं की तो पकड़े जाएंगे
- नजदीकी रिश्तेदार का हाथ, परिवार में अक्सर आना जाना था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिस दारोगा की एक महीने पहले कैंसर से मौत हुई हो और उसके परिवार को नजदीक रिश्तेदार ने पैसों के लालच में दारोगा की पत्नी और बारह साल की मंदबुद्धि धेवती की निर्ममता से हत्या कर दी। हत्यारों के हाथ भी नहंी कांपे बच्ची का गला रेतने में। बदमाशों ने जब पुलिस को कहानी सुनाई तो पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। फिलहाल पुलिस ने नजदीकी रिश्तेदार का खुलासा नहीं किया है।
दारोगा रतन सिंह की मौत के बाद उनकी साठ वर्षीया पत्नी कौशल चौधरी अपनी बारह साल की धेवती तमन्ना उर्फ कुट्टू के साथ रहती हैं। कौशल की बेटी नेहा की पहली शादी जागृति विहार निवासी केबिल कारोबारी संदीप चौधरी से हुई थी। शराब पीने के कारण उसकी मौत हो गई थी। संदीप से नेहा की बेटी तमन्ना है। नेहा ने दूसरी शादी माधवपुरम निवासी ईशु से करने के कारण अपनी बेटी को मां के पास छोड़ दिया था।

तभी से नानी और धेवती रह रही थी। बताया जाता है कि दारोगा रतन सिंह ने मरने से पहले अपनी धेवती के नाम बीस लाख रुपये की एफडी करवा दी थी। दारोगा के कैंसर के इलाज के लिये एफडी तुड़वाई गई थी। दारोगा की मौत के बाद कौशल चौधरी की जिदंगी गमगीन हालत में थी और बेटी नेहा रोज उनसे मिलने आती थी। रविवार की रात बारह बजे के बाद वो मां से मिलकर गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कौशल और तमन्ना की हत्या बेहद शतिराना अंदाज में की गई थी।
संभवत बदमाशों ने पहले कौशल को मारा होगा क्योंकि मारने वाला परिवार का खास था और उसका घर में अक्सर आना जाना था। लूट के बाद उसे लगा होगा कि कौशल लुटेरों का खुलासा कर देगी। चूंकि हत्यारे को तमन्ना भी जानती थी इस कारण उस मासूम की गला रेत कर हत्या कर दी गई। हत्यारोपियों ने बताया कि जिस वक्त कौशल की हत्या की गई उस वक्त आवाज सुनकर तमन्ना जग गई थी। इस कारण उसको भी मारना पड़ा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लूट के कारण ही दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था।
मां से आखिरी बार मिली थी तमन्ना
नौचंदी थाने में पुलिस हिरासत में बैठी लाचार मां नेहा के आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। एक तरफ उसकी मां की निर्मम हत्या हुई थी तो दूसरी तरफ उसकी बेटी की दर्दनाक मौत ने उसको अंदर से तोड़ दिया था। पुलिस ने शक के आधार पर नेहा और उसके पति ईशु को पूछताछ के लिये थाने में बैठा रखा था।
नेहा जब भी किसी रिश्तेदार को देखती उसको देखकर दहाड़ मारकर रोने लगती। नेहा ने पुलिस को बताया कि बीती रात जब वो मां के घर से रात बारह बजे के करीब जाने लगी थी तो उसकी बेटी उससे लिपट कर रोने लगी थी। उस बेटी का दुनिया में नेहा और नानी के अलावा कोई नहीं था।
पापा, चाचा और बाबा की मौत हो चुकी थी और दादी सावित्री चौधरी जागृति विहार वाले मकान में रहती है। नेहा बार बार अपनी मासूम बेटी को लेकर रोती रही और कोसती रही उन कथित लोगों को जिन्होंने उसके घर को उजाड़ दिया था। नेहा ने अपने जीते जी अपने पति, पिता, मां और बेटी को खो दिया था।

