- अफसर घबराए, सफाई से संबंधित शिकायतों का 48 घंटे में निस्तारण करने केनिर्देश
- नगरायुक्त ने पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा मांगा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महानगर में दूषित पेयजल पीने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब महानगर के सभी मोहल्लों में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए जा रहे पेयजल की टेस्टिंग होगी और इसकी समीक्षा नवागत नगरायुक्त सौरभ गंगवार करेंगे। इससे जल निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। नगरायुक्त ने वार्ड-44 व 58 में कूड़े के ढेर व नालियां सिल्ट से अटी होने पर नाराजगी जताई और कूड़ा हटवाने के साथ-साथ नालियों की तलीझाड़ सफाई कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सफाई से संबंधित शिकायतों का 48 घंटे में निस्तारण करने केनिर्देश दिए। नगरायुक्त ने केसरगंज मंडी में जलभराव, गंदगी के साथ-साथ सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाई। उन्होंने तुरंत पानी की निकासी कराने और नियमित सफाई कराने के साथ सड़क का एस्टीमेंट तैयार कराने के निर्देश दिए। नगरायुक्त ने पांच वर्षांे में वार्डवार कराए गए विकास कार्यांें का ब्योरा मांगा और धीमी गति से निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को नोटिस देने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त द्वारा सुबह आठ बजे वार्ड-44 व 58 में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। कर्मचारियों की उपस्थिति शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ ही कर्मचारियो को नगर निगम द्वारा दी गई जैकेट पहनने के निर्देश दिए ताकि निगम द्वारा कार्य कर रहे स्वच्छता मित्रों की पहचान हो सके। वार्ड-58 में कई जगह नाालियां सिल्ट से अटी मिलीं। नगरायुक्त ने नालियोÞं की तलीझाड़ सफाई कराने के साथ ही वार्ड से नियमित कूड़े के बडेÞ छोटे सभी प्रकार के ढेरो को उठवाने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त अपने कक्ष में विभिन्न पार्षदों व जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने वार्डों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश निगम के निर्माण, जलकल, स्वास्थ्य अनुभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वच्छता सम्बन्धी शिकायतों का निस्तरण 48 घंटे में कराने के निर्देश प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। नगरायुक्त द्वारा निर्माण अनुभाग के अभियन्ताओं के साथ महानगर के विभिन्न वार्डों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। जिन वार्डों में निर्माण कार्यों की प्रगति धीमी है, उनके ठेकेदारों को नोटिस देने को निर्देशित किया गया।
उन्होंने मुख्य अभियन्ता निर्माण को पिछले पांच वर्षों में वार्डवार कराए गए विकास कार्यो का ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त नगरायुक्त ने उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा सी एंड डीएस के माध्यम से महानगर के सात वार्डो में कराये जा रहे पेयजल सम्बन्धी विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। जिसमें सी ऐड डीएस द्वारा कराये जा रहे कार्यो की प्रगति अत्याधिक धीमी पाये जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए मोहित कुमार अधिशासी अभियन्ता जल निगम व सहायक अभियन्ता सी एंड डीएस पर सभी कार्यो में प्रगति तेज कराने व कार्यो के माइक्रोप्लान उपलब्ध कराने को निर्देशित किया।
नगरायुक्त ने महाप्रबन्धक (जल) को निर्देशित किया कि वह रोजाना सी एण्ड डीएस द्वारा कराये जा रहे कार्यो की प्रगति आख्या लेने के साथ ही उनके समक्ष साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कार्यो की प्रगति आख्या प्रस्तुत कराएं। नगरायुक्त ने महाप्रबन्धक जल, व जलकल अनुभाग के अभियन्ताओं को निर्देशित किया कि वह रोजाना महानगर के विभिन्न वार्डो में आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की नियमित रूप से मोहल्लावार टेस्टिंग करा कर साप्ताहिक रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत करें। यह भी निर्देशित किया गया कि महानगर के विभिन्न वार्डो में लीकेज पाइप लाइनों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जाये।
शमा को नगरायुक्त द्वारा मुख्य अभियन्ता निर्माण, व अन्य अभियन्ताओं के साथ केसरगंज मंडी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय केसरगंज मंडी में सड़क क्षतिग्रस्त पाये जाने व मंडी परिसर में पानी भरा हुआ पाये जाने पर डा. हरपाल सिहं, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकरी को तत्काल पानी की निकासी सुनिश्चित करवाने के साथ ही मंडी परिसर में समुचित सफाई व्यवस्था कराने व मंडी परिसर में भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही को देखते हुए डैन्स रोड निर्माण कराने के लिए तीन दिन में व्ययनुमान प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य अभियन्ता को दिए। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह, मुख्य अभियन्ता निर्माण देवेन्द्र कुमार, अधिशासी अभियन्ता अमित शर्मा, सहायक अभियन्ता सतीश चंद कमल, अवर अभियन्ता मदनपाल आदि मौजूद रहे।

