Wednesday, April 29, 2026
- Advertisement -

किताबें बदलने से अभिभावकों की जेब पर पड़ रहा डाका

  • एनसीईआरटी की दो तीन किताबें लगाना मजबूरी
  • बाकी कसर निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें हर साल बदली जा रही
  • आठ हजार तक आ रहा किताबों का सेट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड के छात्रों के लिए किताबें खरीदना जेब पर डाका पड़ने जैसा हो गया है। स्कूल हर साल कुछ महंगी किताबें बदल देते हैं, ताकि पब्लिशर्स से मोटी कमाई हो सके। स्कूल मजबूरी में एनसीईआरटी की कुछ किताबें लगा रहे हैं। बाकी कसर वो अन्य किताबों से निकाल रहे हैं। हालात ये हो गए हैं कि नर्सरी का सेट हो 2500 से 3000 तक का रहा है। वहीं, इंटर का कोर्स 8000 रुपये से ज्यादा का मिल रहा है।

पहले बड़े भाई की किताबें छोटा भाई आसानी से पढ़ लेता था, लेकिन अब स्कूलों ने इस परंपरा को हमेशा के लिए खत्म करा दिया है। अब स्कूल कई किताबों को बदल देते हैं। अब छात्र सिर्फ एनसीईआरटी की किताबे ही अपने भाई को दे पता है। एक स्कूल में कक्षा सात की साइंस की किताब 575 रुपये की है। जबकि 60 पेज की वर्कबुक 495 रुपये की है। स्कूल पब्लिशर्स के द्वारा दिए जा रहे प्रलोभन में आकर किताबें बदल देते हैं और इसका सीधा असर अभिभावकों पर पड़ रहा है।

एनसीइआरटी की किताबों में नहीं रुझान

अधिकांश निजी स्कूल संचालक राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) की किताबें मंगाने में रुचि नहीं दिखाते। जिले के निजी विद्यालयों में 80 फीसदी विद्यालयों में ही निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें पढ़ाई जाती हैं। इन किताबों की कीमत एनसीइआरटी से कई गुणा अधिक होती हैं।

18 7

कई किताबों में तो प्रिंट रेट के ऊपर अलग से प्रिंट स्लिप चिपकाकर प्रकाशित मूल्य से कहीं अधिक वसूली की जाती है। निजी स्कूलों में कमीशन के चक्कर में हर साल किताबें बदलने के साथ अलग-अलग प्रकाशकों की महंगी किताबें लगाई जाती हैं। अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर ज्यादा विरोध नहीं कर पाते।

लाखों में चलता है कमीशन का खेल

एनसीआरटी की किताबों में पुस्तक विक्रेताओं को मात्र 15 से 20 फीसद ही कमीशन मिलता है। जबकि अन्य प्रकाशकों से 30 से 40 फीसदी तक कमीशन देते हैं। इसके अलावा स्टेशनरी के आॅफर अलग मिलते हैं। एक पुस्तक विक्रेता ने बताया कि इस मोटे कमीशन के लालच में स्कूल संचालक प्रकाशकों से सीधा डील कर सीधे स्कूलों में ही किताबें मंगा लेते हैं।

जिससे पुस्तक विक्रेताओं को मिलने वाली पांच से 10 फीसदी का कमीशन भी निजी स्कूलों को मिलता है या फिर स्कूल द्वारा निर्धारित किए गए पुस्तक विक्रेताओं से अपना कमीशन प्राप्त करते हैं। प्रतिवर्ष होने वाले इस खेल में ही स्कूल संचालकों को लाखों का फायदा होता है।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि स्कूल संचालकों को पुस्तकों को लेकर पहले भी रूटीन में गाइड लाइन जारी किया जा चुका है। जल्द ही फिर से सभी स्कूलों को लेटर जारी किया जाएगा। शिक्षा विभाग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अगर स्कूल इस तरह के कार्यों में संलिप्त पाए गए तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

UP News: PM Modi ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन, यूपी को मिला High-Speed कनेक्टिविटी का तोहफा

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश...

UP Weather Update: भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल, रात में भी नहीं मिल रही राहत

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: जिले में पड़ रही भीषण गर्मी...
spot_imgspot_img