जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वैश्विक साइबर धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए बुधवार को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और देहरादून में 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।
CBI और दिल्ली पुलिस की FIR पर आधारित है कार्रवाई
ईडी की इस छापेमारी की कार्रवाई का आधार सीबीआई और दिल्ली पुलिस द्वारा पहले से दर्ज की गई एफआईआर हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी और अवैध लेनदेन के मामले सामने आए थे। इन मामलों में यह पाया गया कि जालसाज भारतीय नागरिकों को फर्जी निवेश योजनाओं, तकनीकी सहायता और नौकरी के झांसे में फंसा कर ठगी कर रहे थे।
कैसे चलाया जा रहा था अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क?
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप्स और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को निवेश, टेक्निकल हेल्प, लॉटरी या नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी कॉल सेंटरों और वेबसाइट्स के माध्यम से संपर्क करता था। ठगी की गई राशि को फर्जी बैंक खातों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला चैनलों के माध्यम से देश और विदेश में भेजा जाता था।
इन जगहों पर चल रही हैं छापेमारी
दिल्ली – कई व्यापारिक कार्यालय और आवासीय परिसर
नोएडा (उत्तर प्रदेश) – सेक्टर-62, 18 और 135 में टेक फर्म्स के दफ्तर
गुरुग्राम (हरियाणा) – साइबर सिटी के दफ्तर और कॉल सेंटर
देहरादून (उत्तराखंड) – निजी घर और संदिग्ध निवेश कंपनियों के दफ्तर
क्या बरामद हुआ अब तक?
ईडी सूत्रों के अनुसार, शुरुआती छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकद, डिजिटल उपकरण (लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल), फर्जी दस्तावेज और कंपनियों से संबंधित कागजात, विदेशी ट्रांजैक्शन की डिटेल्स, क्रिप्टो वॉलेट्स और ट्रांजैक्शन ट्रेल बरामद हुआ हैं। वहीं, जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन सामग्रियों से इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय लिंक, संपत्ति निवेश, और मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों का खुलासा होगा।
ईडी का बयान?
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा “यह साइबर धोखाधड़ी का एक सुनियोजित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला नेटवर्क है, जो आम नागरिकों को निशाना बनाकर ठगी करता है। हमारे पास जो प्रारंभिक इनपुट्स हैं, उनसे पता चलता है कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए विदेशी खातों, क्रिप्टो प्लेटफॉर्म और हवाला रूट्स का इस्तेमाल हो रहा है। जांच जारी है और आगे कई खुलासे संभव हैं।”
पहले भी हुए हैं ऐसे मामले
हाल ही में CBI ने भी 20 से अधिक कॉल सेंटरों और टेक कंपनियों पर छापेमारी की थी, जो अमेरिकी और यूरोपीय नागरिकों को निशाना बना रही थीं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने भी ‘रिटर्न डबल करने’ वाले स्कैम का भंडाफोड़ किया था।
नागरिकों को दी गई चेतावनी
ईडी और साइबर एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे, किसी अनजान लिंक या कॉल पर निवेश की जानकारी साझा न करें। फर्जी वेबसाइट या नौकरी के ऑफर से बचें। संदेहास्पद लेनदेन की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर सेल को दें।

