Saturday, September 18, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutहस्तिनापुर की धरती से बजा चुनावी बिगुल

हस्तिनापुर की धरती से बजा चुनावी बिगुल

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  • परिवार को लिखी वसीयत, दलितों के उत्पीडन पर भावुक हुए योगेश वर्मा
  • दलित समाज ने कहा हम योगेश वर्मा के साथ
  • भाजपा पर जमकर निकाली भडास, दो अप्रैल की घटना के उत्पीडन को रखा सामने

जनवाणी संवाददाता |

मवाना: मवाना का उत्सव मंडप रविवार को खचा-खच भरा था। जिन दलितों के सिर पर कभी नीली टोपी हुआ करती थी, उनके सिर पर लाल टोपी नजर आ रही थी। एक तरह से बड़ी तादाद में पहुंचे दलित सपा के रंग में रंगे नजर आये। यह पहला मौका था, जब दलित इतनी बड़ी तादाद में सपा के झंडे के नीचे एकजुट हुए। एक तरह से हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती से यह चुनावी बिगुल बज उठा। इस भीड़ के लिए मवाना का उत्सव मंडप साक्षी बन गया।

ऐतिहासिक धरती से दलितों की भीड़ ने हाथ उठाकर शपथ ली कि 2022 में अखिलेश यादव को प्रदेश में पुन: मुख्यमंत्री की बागडोर सौंपी जाएगी। दलितों की इस शपथ ने सत्ताधारी पार्टी ही नहीं, बल्कि बसपा में भी खलबली पैदा कर दी है। क्योंकि दलित वोट बैंक बसपा का हुआ करता था, लेकिन मवाना में जिस तरह से दलितों ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा के पक्ष में सपा की लाल टोपी पहनकर सपा मुखिया अखिलेश यादव के पक्ष में नारेबाजी की, वह बसपा और भाजपा को बेचैन करने वाली है।

दलितों की जुटी भीड़ को देखकर पूर्व विधायक योगेश वर्मा भी गद्गद् दिखे। उन्होंने मंच से ऐलान कर दिया कि योगेश वर्मा जिंदा रहेगा तो हस्तिनापुर के लिए और मरेगा तो भी हस्तिनापुर के लिए। यह कहकर योगेश वर्मा भावुक हो गए तथा उनकी आंखें भर आयी। एकाएक कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया। योगेश वर्मा ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी एवं मेयर सुनीता वर्मा की भी आंखें नम हो गई। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने ऐलान कर दिया कि दलितों के सम्मान में, समाजवादी मैदान में। दलितों के सम्मान को कभी ठेस नहीं लगने देंगे, इसका भरोसा भी कार्यक्रम में पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने दिया।

योगेश वर्मा भीड़ को देखकर जोश में भी दिखे, क्योंकि दलित पहली बार ऐसा मौका था, जब सपा के झंडे के नीचे इतनी बड़ी तादाद में जुटे थे। दो अपै्रल की घटना का जिक्र करते हुए पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि मेरे लिए ही नहीं, बल्कि तमाम दलितों के लिए वह काला दिन था।

उस दिन को दलित कभी नहीं भूल पाएंगे। दलितों पर किस तरह से अत्याचार भाजपा सरकार में हुए। यह तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले दलितों पर भाजपा ने क्रूरता की तमाम सीमा ही लांघ दी थी। दलितों द्वारा अपने संविधान को बचाने के लिए ही तो आवाज उठाई थी, उसको भाजपा सरकार ने कुचलकर दलितों पर अत्याचार कराया था। पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि दलितों के लिए उसके प्राण भी न्योछावर है।

दलित समाज को दो अपै्रल की घटना को स्मरण करते हुए भाजपा के खिलाफ वोट करना होगा, तभी अत्याचारी सरकार को उखाड़कर प्रदेश में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प ले। इस मौके पर सम्मेलन में पहुंचे सपा वरिष्ठ नेता अतुल प्रधान ने दलितों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने दलितों के साथ सभी जातियों का उत्पीड़न करने का काम किया है।

भाजपा के विधायक जमीने कब्जा रहे हैं तो वहीं थाना-चौकी भी इनके कहने पर चल रही है। दलितों के साथ-साथ सर्वसमाज के सम्मान में अबकी बार प्रदेश में सपा सरकार बनेगी ओर जनता भाजपा की कूटनीति से त्रस्त होकर प्रदेश में दोबारा अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर ही दम लेगी।

इस दौरान पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने बोलते हुए कहा कि मेरे समाज के लोगों के साथ भाजपा विधायक उत्पीड़न करवा रहे हैं, जोकि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि जो हस्तिनापुर सीट से विधायक बनता है प्रदेश में उसकी सरकार बनती है।

इस मौके पर पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने सम्मेलन में पहुंचे दलित समाज के लोगों को समाजवादी टोपी पहनाकर एकता-अखंडता के साथ एकजुट होकर भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की शपथ दिलाई। वहीं वार्ड-दो से जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र गुर्जर पाली ने दो टूक बोलते हुए कहा कि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में आने वाला गुर्जर समाज पूर्व विधायक योगेश वर्मा के तन-मन और धन से कंधे से कंधा मिलाकर साथ है।

भाजपा की कूटनीति से त्रस्त होकर प्रदेश में सपा सरकार बनाई जाएगी। इस मौके पर दलित समाज के लोगों के साथ साथ सर्वसमाज को एकजुट होकर प्रदेश में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाकर ही दम लिया जाएगा। इस दौरान प्रदेश सचिव मोनू पंवार, सुबोध गुर्जर, संदीप शेट्टी गुर्जर, शीशपाल जाटव, शयामलाल एडवोकेट ने संबोधन में एकजुट होकर हस्तिनापुर का इतिहास बदलने की शपथ दिलाई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जयपाल सिंह एवं संचालन इन्द्रजीत जाटव ने किया। इस मौके पर दिनेश जाटव, कृष्णपाल सिंह, अनुज जाटव, राहुल जाटव,अजय सागर, राजन वर्मा, देवीदास गौतम, मनोज बस्तौरा, सचिन गुर्जर, रूप प्रधान, अनिल जाटव, योगेन्द्र, बंटी जाटव, अरुण जाटव, प्रभात जाटव, सीताराम, जयचंद फोजी, रतनपाल, राजपाल नारंगपुर, तेजपाल जाटव, कमल सभासद, नरेन्द्र जाटव आदि हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल रहे।

योगेश के स्वागत में बिछा दिए पलक-पावड़े

दलितों के सम्मान में समाजवादी मैदान में, आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक योगेश वर्मा के पक्ष में पहुंचे विधानसभा क्षेत्र से जुड़े करीब 150 गांव से दलित समाज के हजारों की संख्या की भीड़ एवं सभी कार्यकर्ताओं को योगेश वर्मा ने सपा की टोपी पहनाई। सम्मेलन समापन के बाद मंडप से बाहर आए पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ कार्यकर्ताओं का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया और पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।

इस दौरान दलित समाज के लोग सपा के रंग में नजर आए। एक तरह से योगेश वर्मा का जिस जोरदार ढंग से स्वागत किया, उसे देखकर तो लगता है कि दलितों ने पलक पावड़े बिछा दिये थे।

हस्तिनापुर में बसपा का वोट बैंक ध्वस्त

हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र दलित समाज के लोगों ने पूरा मन बना लिया ओर खुलकर पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ आ गये है। दलितों के सम्मान में पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने बोलते हुए कहा कि दलितों का हित सपा में ही सुरक्षित है।

वर्तमान में भाजपा सरकार दलितों का उत्पीड़न करने से बाज नहीं आ रही है। पूर्व विधायक योगेश वर्मा के एक ही फोन पर दलितों का जनसैलाब उमड़ता देख पूर्व विधायक योगेश वर्मा गद्गद् हो गये ओर कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में दलितों का सम्मान सपा सरकार में वापस कराया जाएगा। योगेश वर्मा के विधायक बनने पर वृद्ध जवान हो जाएंगे ओर नौजवान आगे बढ़ जाएंगे।

हजारों की संख्या में दलित समाज के लोगों के पहुंचने पर यही प्रतीत होता है कि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में दलित कभी बसपा का वोट बैंक रहा हैं, लेकिन कार्यक्रम के बाद बसपा को तगड़ा झटका लगा है। पहली बार दलितों की भीड़ सपा के कार्यक्रम में जुटी।

दलितों की भीड़ से भाजपाइयों में बढ़ी बेचैनी

नगर के उत्सव मंडप में आयोजित दलितों के सम्मान में सपा सम्मेलन में पहुंची हजारों की संख्या में दलितों की भीड़ को देखते हुए भाजपा, बसपा एवं कांग्रेस आदि दूसरे दलों से जुडे नेताओं में बेचैनी बढ गई है, लेकिन दलित समाज के लोगों ने एक बार फिर से दोबारा हस्तिनापुर की महाभारत कालीन धरती पर पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने चुनावी बिगुल फूंक दिन-रात एक कर दिया। हस्तिनापुर पूर्व विधायक योगेश वर्मा की गर्जना से विपक्षी दलों में हलचल मच गई। कहा कि दलितों का हित सपा सरकार में ही है।

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