- देशखाप चौधरी ने बड़ौत मै अपने आवास पर की पत्रकार वार्ता
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: किसानों द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में बोर्ड बॉर्डर ओपन करने और केंद्र सरकार द्वारा वार्ता विफल होने के विरोध में 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।
देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह ने भी किसान यूनियनों के आह्वान पर होने वाले भारत बंद को लेकर रणनीति तय करने के लिए सोमवार को अपने आवास पर किसानों की पंचायत बुलाई है।
इस पंचायत में ही बंद की रणनीति तय की जाएगी।
रविवार को नगर की पट्टी चौधरान स्थित अपने आवास पर बुलाई पत्रकार वार्ता में देशखाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए तीन कृषि कानून बनाए हैं। यह कानून किसानों को बर्बाद करके रहेंगे। जब किसानों को इन कानूनों की जरूरत नहीं है तो इन्हें क्यों दिया गया।
एमएसपी को समाप्त करने का इरादा है। जिससे किसान अपनी फसल को सही दाम में न बेच सकें। किसानों से कृषि भूमि छीनने का षड्यंत्र है। किसानों से केंद्र सरकार की ओर से तीन बार वार्ता की। लेकिन तीनों ही वार्ताओं में कोई हल नहीं निकला।
सरकार नहीं चाहती है कि यह कानून वापिस हो। इनके वापस हुए बिना किसानों का भला नहीं हो सकता।अन्यथा यह कानून लागू हुए तो किसान अपने खेत में मजदूर बनकर रह जाएंगे। किसान संगठनों की ओर से 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। इसी कड़ी में बड़ौत में भी बंद किया जाएगा।
इस बंद की रणनीति के लिए सोमवार में उनके आवास पर किसानों की एक पंचायत होगी। इस पंचायत में बंद की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर थांबा चौधरी यशपाल सिंह, किसान नेता मुनेश बरवाला, नरेश ठेकेदार, सुभाष खड़खड़ी, राजेंद्र चौधरी, गौरव तोमर बड़ौत संजू चौधरी आदि मौजूद थे।

