जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई। शुरुआती सत्र में निवेशकों की सतर्कता के बीच प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि बाद में बाजार ने शुरुआती नुकसान की भरपाई कर ली और दोनों सूचकांक हरे निशान में लौट आए।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 111.23 अंक फिसलकर 77,044.39 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 26.85 अंक टूटकर 24,058.85 के स्तर पर आ गया। वहीं भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे कमजोर होकर 94.71 पर पहुंच गया।
बाजार में शुरुआती दबाव के बावजूद बाद में खरीदारी लौटने से सेंसेक्स 108.95 अंक की बढ़त के साथ 77,264.57 पर और निफ्टी 44.25 अंक चढ़कर 24,132.60 पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक महिंद्रा बैंक कमजोर शेयरों में शामिल रहे, जबकि ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचडीएफसी बैंक और लार्सन एंड टुब्रो ने बढ़त दर्ज की।
फेडरल रिजर्व के सख्त संकेत से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में कमजोरी की प्रमुख वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख रहा। अमेरिका में लगातार ऊंची महंगाई के चलते फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने सख्त संदेश दिया है, जिससे इस वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इसके बाद अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.46 प्रतिशत पर पहुंच गई और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली देखने को मिली।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार ने कहा कि फेड प्रमुख केविन वॉर्श का रुख बाजार की अपेक्षाओं से अलग रहा है। वॉर्श को पहले दरों में कटौती समर्थक माना जाता था, लेकिन अब महंगाई पर नियंत्रण के लिए सख्ती के संकेत मिल रहे हैं।
राहत की खबर भी मौजूद
विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय बाजार की दीर्घकालिक तेजी अभी बरकरार रह सकती है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और संभावित शांति समझौते की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.66 प्रतिशत गिरकर 78.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की संभावना है।
एचडीएफसी बैंक ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस बीच एचडीएफसी बैंक ने रिजर्व बैंक की 1.5 प्रतिशत फिक्स्ड-रेट स्वैप सुविधा का उपयोग करते हुए 750 मिलियन डॉलर की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) जुटाई है। इस सुविधा का लाभ उठाने वाला एचडीएफसी बैंक देश का पहला बैंक बन गया है। बैंक ने यह पांच वर्षीय विदेशी बॉन्ड अपनी गिफ्ट सिटी शाखा के माध्यम से जारी किया है।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले। जापान के टॉपिक्स इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत और अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं हांगकांग के हैंग सेंग में 1.4 प्रतिशत, यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.5 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

