Wednesday, June 19, 2024
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धूमधाम से मनाई गई 151वीं गांधी जयंती, डीएम ने किया ध्वजारोहण

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  • डीएम रमाकान्त पाण्डेय ने गांधी पार्क में गांधी की मूर्ति का किया माल्यार्पण
  • ध्वजारोहण के पश्चात स्वतंत्रता संगाम सेनानी को शॉल व दो दिव्यांगजनों को भेंट की ट्राईसाईकिल

जनवाणी संवाददाता |

बिजनौर: डीएम रमाकान्त पाण्डेय ने कलैक्ट्रेट प्रांगण में दो अक्तूबर को गांधी जी की 151वीं जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह के अवसर पर ध्वजारोहण कर कलैक्ट्रेट प्रांगण के नवनिर्मित भवन के हॉल में दोनों महापुरूषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित करने के पश्चात अपने उद्गार व्यक्त किये।

डीएम ने कहा कि आज के दिन पूरा देश महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री को याद करता है, और उनकी शिक्षाओं और विचारों से प्रेरणा प्राप्त करने का संकल्प लेता है। उन्होने कहा कि अध्यनन करने पर गांधी जी के जीवन के अनेक आश्चर्यजनक पहलू हमारे सामने आते हैं, जो एक देशभक्त व्यक्ति के लिए प्रेरणा स्रोत और अनुकरणीय होते हैं।

गांधी जी सत्य व अहिंसा के अलम्बरदार, मानवीय मूल्यों एवं समानता के उद्घोषक, जाति भेदभाव के विरोधी, सर्वधर्म सम्भाव के पक्षधर, शांति के दूत, धैर्य एवं संकल्प के धनी, देश एंव राष्ट्र के भक्त, मानव, समाज एवं नारी के उत्थान के लिए समर्पित, साद्गी और शालीनता की मूर्ति, पशु एवं समस्त क्रूरता के दुश्मन, आदि उनके जीवन के ऐसे पहलू हैं, जो भारत के एतिहास में इन विशेषताओं से सुसज्जित किसी एक भी व्यक्ति पर पूरे उतरते हों।

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यही कारण है कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के दर्शन से प्रभावित होकर संयुक्त राष्टसंघ की सामान्य सभा ने सर्वसम्मिति से गांधी जी के जन्म दिन दो अक्तूबर को विश्व के समस्त देशों में अंर्तराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया। उन्होने कहा कि आज भी देश को उनकी शिक्षाओं की वैसी ही अवश्यकता है, जैसी कल थी, आज भी उनका दर्शन कल की ही तरह प्रांसागिक है।

उन्होंने कहा कि देश के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री स्वयं उनके आर्दशों से प्रभावित थे। उन्होने गांधी जी के जातिवाद विरोधी विचारों से प्रेरित होकर अपने जाति सूचक उपनाम का परित्याग कर दिया था। उन्होंने कहा कि आज इन दोनों महापुरूषों के जन्म दिवस के अवसर पर प्रतिज्ञा करें कि हम सभी महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के जीवन दर्शन एवं जीवन चरित्र को अंगीकार करें, तभी उनकी जयन्ती के ऐसे आयोजनों का उददेश्य सार्थक होगा और उनके प्रति हमारी सच्ची संवेदनायें प्रर्दशित होगीं।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनोद कुमार गौड, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अवधेश कुमार मिश्र, वरिष्ठ कोषाधिकारी सूरज कुमार, उप जिलाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, मौजूद थे। जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय द्वारा ध्वजारोहण के पश्चात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को शाल औढ़ाकर भेंट की तथा दो दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गईं।

गांधी जयन्ती के अवसर पर सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी भवनों पर कार्यालयाध्यक्षों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहरानें के उपरांत समस्त कार्यालयो, विद्यालयों में महात्मागांधी जी व लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा शिक्षण संस्थाओं, स्कूल एवं कालेजों में आनलाइन गांधीवादी जीवन का प्रचार तथा उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भाषण, निबंध, वाद विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयीं। बाल्मिकी बस्ती मौ जाटान बिजनौर में दलित बस्तियों की महिलाओं एवं बच्चों को साफ सफाई के बारे में बताया गया।

जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डेय ने गांधी पार्क (रामलीला मैदान के सामने) में गांधी जी की मूर्ति का माल्यार्पण करने के पश्चात वहां आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार प्रस्तुत किये और रामधुन भजन, गोष्ठी एवं सामूहिक प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस अवसर पर धार्मिक एंव सामाजिक वक्ताओं आदि ने अपने विचार रखे। इसके पश्चात जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किये गए।

शक्ति चौराहे पर शास्त्री जी की मूर्ति का माल्यापर्ण किया गया तथा गांधी आश्रम में चरखा कताई प्रतियोगिता, स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण शिविर मौ. कस्साबान (रेती) में, राजकीय चिकित्सालय में रोगियों को फल वितरण सहित पूर्व में निर्धारित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विकास भावन के सभागार में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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