Wednesday, April 1, 2026
- Advertisement -

Guru Pradosh Vrat 2023: गुरु प्रदोष व्रत आज, शिवजी की होगी विशेष कृपा, जानिए पूजन विधि-शुभ मुहूर्त

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉट कॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन है। आश्विन माह का आज यानि 27 अक्टूबर 2023 गुरूवार को आ​खिरी प्रदोष व्रत पड़ रहा है। इस व्रत को गुरू प्रदोष व्रत भी कहते हैं। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि दोषों से मुक्ति पाने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। हर माह में दो प्रदोष व्रत पड़ते है। पहला प्रदोष व्रत चांदनी रात यानि शुक्ल पक्ष को रखा जाता है।

38 15

वहीं, दूसरा व्रत कृष्ण पक्ष में रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना की जाती है। यह व्रत रखने से सभी कष्टों का निवारण होता है। वहीं, अक्टूबर महीने का आखिरी व्रत आज पड़ रहा है। मान्यता है कि गुरू प्रदोष व्रत को करने से रोग, ग्रह दोष, कष्ट, पाप आदि से मुक्ति मिलती है। ऐसे में चलिए जानते हैं गुरु प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और विधि

जाने गुरू प्रदोष व्रत तिथि

37 14

आश्विन माह की त्रयोदशी तिथि 26 अक्तूबर की सुबह 08 बजकर 49 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन अगले दिन 27 अक्तूबर की सुबह 06 बजकर 57 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, इसलिए यह व्रत 26 अक्तूबर को ही रखा जाएगा।

गुरू प्रदोष पूजा विधि

40 14

  • गुरू प्रदोष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर प्रात:काल स्नान करें।
  • इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान का स्मरण कर व्रत एवं पूजा का संकल्प लें।
  • सायंकाल में पूजा के दौरान भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, फूल, धतूरा, गंगाजल, धूप, दीप, गंध आदि अर्पित करें।
  • अब प्रदोष की कथा पढ़ें और शिव जी की आरती करें।
  • पूजा के दौरान शिवलिंग को गंगाजल और गाय के दूध से स्नान करांए।
  • अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत का समापन करें।
spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

April Bank Holiday: कब खुलेंगे और कब बंद रहेंगे इस महीने बैंक? यहां देखें पूरी लिस्ट

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

डीपफेक पूरी तरह नकारात्मक नहीं

हम उस युग में रह रहे हैं जिसे विशेषज्ञ...

बुनियादी शिक्षा को खोना सही नहीं

वी गर्ग विद्यार्थियों को अपनी रुचियों के अनुसार आगे बढ़ने...
spot_imgspot_img