- छह माह पूर्व हुई थी शादी, दो माह से नहीं मिला था वेतन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेडिकल कैंपस में रहने वाले जोनी नाम के युवक ने दो माह से वेतन न दिए जाने से परेशान होकर घर में ही फांसी पर झूलकर जान दे दी। मृतक के पिता बाल किशन पुत्र रोहताश मेडिकल के सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में कर्मचारी हैं। इस घटना को लेकर संविदा पर काम करने वाले मेडिकल के अन्य कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
पड़ोसियों ने बताया कि करीब छह माह पूर्व जोनी की शादी हुई थी। शादी से वह बहुत खुश भी था। मेडिकल में वह सफाई कर्मचारी के रूप में काम करता था, लेकिन पिछले दो माह से कंपनी उसको वेतन नहीं दे रही थी। कंपनी में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को भी वेतन नहीं दिया जा रहा था।
नई-नई शादी हुई थी। घर परिवार का खर्च भी था, लेकिन वेतन न मिलने से जोनी काफी दु:खी रहता था। उसके दोस्तों ने काफी समझाया भी था, लेकिन माना जा रहा है कि अवसाद के चलते उसने फांसी लगाकर जान दे दी। जिस वक्त उसने फांसी लगायी घर में पत्नी भी मौजूद थी। उसकी मौत की खबर सुबह जब परिजनों को लगी तो कोहराम मच गया।
कर्मचारी नेता विपिन त्यागी व अन्य लोग वहां पहुंच गए। भारी संख्या में अन्य कर्मचारी व मेडिकल प्रशासन के लोग भी पहुंच गए। कंपनी पर समय से वेतन न दिए जाने के आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। कर्मचारी नेता विपिन त्यागी का कहना थ कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है।
यदि कंपनी समय पर वेतन देती तो शायद जान देने की नौबत नहीं आती। हंगामे की सूचना के बाद वहां पुलिस भी पहुंच गयी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की ओर से तहरीर दी गयी है। हालांकि पुलिस को जो तहरीर दी गयी है उसमें कहा गया है कि युवक शराब पीने का आदी था। इसके कारण ही नशे में उसने जान दे दी है। उसे बीमार भी बताया गया है।
बेटी को जन्म देने के बाद मां ने लगाई फांसी

थाना लिसाड़ीगेट थानांतर्गत लखीपुरा गली नंबर-21 में बेटी को जन्म देने के एक माह बाद मां ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजे तोड़कर महिला का शव उतारा। शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है।
लिसाड़ीगेट के लखीपुरा गली नंबर-21 की रहने वाली रिहाना पत्नी साजिद ने बुधवार को घर के कमरे की छत से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
महिला ने एक माह पहले बेटी को जन्म दिया। रिहाना की बहन फरजाना पत्नी नाजिम ने बताया कि बहन अपने पति के साथ अपने कमरे में थी। रिहाना की तबीयत अचानक खराब हुई। जिसके बाद पति साजिद नीचे दवाई लेने आया। तभी पत्नी रिहाना ने अपने कमरे का दरवाजा लगा लिया और छत के कुंडे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जैसे ही महिला का पति के ऊपर वापस पहुंचा तो उसने कमरे का दरवाजा बंद पाया।
पत्नी को आवाज लगाई, लेकिन पत्नी रिहाना ने कोई जवाब नहीं दिया। परिवार के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ कर देखा तो रिहाना फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। वहीं, परिवार में रिहाना की मौत से कोहराम मच गया है।
उधर, रिहाना की बहन फरजाना ने बताया कि पति पत्नी के बीच विवाद चल रहा था जिसको लेकर रिहाना अपने मायके जाकर रहने लगी थी। लॉकडाउन में ही दोनों पक्षों के लोगों ने मामले को समझा-बुझाकर दोनों दंपति को साथ रहने के लिए भेज दिया था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस जांच में जुटी है।

