- पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर टोल वसूली के विरोध पर नहीं मिल रहा संगठन के बोर्ड सदस्यों का साथ
- बड़ा सवाल: क्या सीएम की फटकार के बाद टूटेगी पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई के अफसरों की नींद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड में संगठन का वर्चस्व होने के बाद भी टोल के मुद्दे पर कैंट विधायक लाचार नजर आते हैं। बोर्ड के भाजपाइयों सदस्यों का साथ उन्हें नहीं मिल रहा है। इसके उलट टोल ठेके की गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ भाजपाई सदस्यों ने पाला खींच दिया है।
अपरोक्ष रूप से हालात एंटी विधायक बना दिए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर मामला सीएम तक पहुंचने के बाद भी पीडब्ल्यूडी के अफसर भी टोल ठेकेदार के सामने दंडवत नजर आ रहे हैं। शहर के दर्जनों संगठनों, सांसद व विधायक तथा प्रशासन के विरोध के बाद भी पीडब्ल्यूडी के अफसर अपनी रुड़की रोड, मवाना रोड तथा दिल्ली रोड पर बलात अवस्था में करायी जा रही टोल वसूली के खिलाफ एक बार भी ऐक्शन मोड में नहीं दिखाई दिए।
हालांकि फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन इससे पहले की स्थिति पर यदि बात की जाए तो कैंट बोर्ड में भाजपा के जो सदस्य हैं टोल प्रकरण को लेकर बार-बार उनकी मंशा पर सवाल खडे किए जा रहे हैं। सांसद व विधायक तीन प्वांइटों रुड़की रोड, दिल्ली रोड व मवाना रोड पर टोल वसूली का विरोध कर चुके हैं, लेकिन संगठन का वर्चस्त होने के बाद भी जिस समर्थन की उम्मीद की जा रही थी वो सांसद व कैंट विधायक को बोर्ड में मौजूद अपने सदस्यों से नहीं मिला। उनका रवैया विधायक के साथ दो कदम आगे और चार कदम पीछे का नजर आया।
ये कहना है कैंट विधायक का
कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि अनेक संगठनों के लोग गलत तरीके से किए जा रहे कैंट बोर्ड की टोल वसूली को लेकर शिकायत कर चुके हैं। पूरा मामला सीएम योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाया गया है। जहां तक कैंट बोर्ड के सदस्यों की भूमिका की सवाल है तो सिर्फ इतना ही कहेंगे कि वह खुद जनता की आवाज उठा रहे हैं।
रखरखाव पीडब्ल्यूडी का, वसूली कैंट बोर्ड कर रहा
कैंट विधायक जिन सड़कों पर टोल वसूली का विरोध कर रहे हैं, उन सड़कों का रखरखाव पीडब्ल्यूडी करती है। पीडब्ल्यूडी की सड़क होते हुए भी कैंट जबरन अपने ठेकेदार से वसूली करा रहा है। ये स्थिति तो तब जब खुद हाइवे अथॉरिटी स्पष्ट कर चुकी है कि उसके मार्ग पर किसी भी प्रकार की टोल वसूली नहीं की जा सकती। तमाम विभाग इसका विरोध कर चुके हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी जो इन सड़कों के रखरखाव पर हर साल भारी भरकम रकम खर्च करता है उसके अफसरों की नींद टूटने का इंतजार किया जा रहा है।
ताकि मिल सके जनता को राहत
कैंट विधायक ने अब इस मुद्दे को सीएम के समक्ष उठाया है। उन्होंने इसके लिए पत्र भी भेजा है। इसके अलावा मंडलीय समीक्षा बैठक में भी सीएम के संज्ञान में पूरा मामला लाया गया। कैंट विधायक के इस प्रयास का असर भी हुआ। सीएम के सचिव ने मंडलायुक्त से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी। मंडलायुक्त ने पूरा मामला संज्ञान में होने की बात कही है। जिसके बाद अब माना जा रहा है कि कैंट विधायक के प्रयास रंग लाएंगे और जनता को कथित अवैध रूप से संचालित किए जा रहे तीनों टोल नॉकों से मुक्ति मिल सकेगी।
पीडी डिफेंस और स्वास्थ्य मंत्री से मिले विधायक
कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल बुधवार को लखनऊ में प्रधान निदेशक रक्षा संपदा मध्य कमान से मिले और टोल समेत कई मुददों पर चर्चा की। प्रधान निदेशक को बताया गया कि मेरठ में कैंट प्रशासन गलत तरीके से पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर गलत तरीके से वाहनों से एंट्री फीस की वसूली करा रहा है।
इससे कानून व्यवस्था की स्थिति भी कई बार उत्पन हो चुकी है। उन्होंने कुछ टोल नॉके बंद कराए जाने तथा नए ठेके में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर टोल वसूली पर रोक लगाए जाने के निर्देश कैंट प्रशासन को देने का आग्रह प्रधान निदेशक से किया। इसके अलावा विधायक ने कैंन्टोनमेंट हॉस्पिटल की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। वहां समुचित चिकित्सा सुविधाओं के इंतजाम की मांग की।
वार्ता में पीएनजी से गैस पाइप लाइन बिछाए जाने की बात पर भी सहमति बनने की जानकारी दी गयी। कैंट एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाते हुए इस मामले की जांच की बात कही। विधायक ने लॉकडाउन की अवधि का किराया न बढ़ाए जाने का भी आग्रह किया।
विधायक प्रतिनिधि सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश के वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री से भी सत्यप्रकाश अग्रवाल ने मेडिकल में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाने के लिए संसाधन बढ़ाने का आग्रह किया। कोरोना संक्रमण के चलते मेरठ में पीपीई किट व एन-95 सरीखे उपकरण की आपूर्ति में तेजी लाने व संख्या बढ़ाने को कहा। दो दिन पूर्व कैंट विधायक ने मेडिकल प्राचार्य से मुलाकात की थी। तब मेडिकल प्राचार्य ने कुछ चीजों की जरूरत की बात विधायक के समक्ष उठायी थी।

