- हरियाणा में रहकर कर रही थी पढ़ाई
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: पल्लवपुरम स्थित अंसल कोटियार्ड में गुरुवार देर रात एक छात्रा झालर लगाने के दौरान 11वीं मंजिल से गिर गई। जिस कारण छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर इकट्ठा हुए कॉलोनी के लोगों व परिजनों ने छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, परंतु चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया गया।
अंसल कोटियार्ड निवासी संजीव कुमार मकान की 11वीं मंजिल पर परिवार के साथ रहते हैं। संजीव कुमार की पत्नी सिद्घार्थनगर में शिक्षिका है। उनकी 15 वर्षीय बेटी शिरीष खानपुर हरियाणा में रहकर 10वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। त्योहार के चलते वह घर आई हुई थी। गुरुवार देर रात दीपावली के त्योहार के चलते शिरीष परिजनों के साथ घर को सजा रही थी। वह घर पर झालर लगा रही थी।
इस दौरान उसका पैर फिसल गया और वह 11वीं मंजिल से नीचे आकर गिरी। कॉलोनी के लोग भी नीचे इकट्ठा हो गए। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शिरीष को लहूलुहान हालत में देखा तो उनके होश उड़ गए। वह आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, परंतु चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिरीष की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शिरीष के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है।
हार्ट अटैक से फौजी की मौत, सदमे में मां ने भी तोड़ा दम
पाबली खुर्द गांव निवासी सेवानिवृत्त फौजी ओमबीर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह परिवार के साथ वर्तमान में कंकरखेड़ा की सैनिक विहार कॉलोनी में रह रहे हैं। उनके दो बेटे संदीप व गौरव 36 वर्ष थे। ओमबीर के भतीजे मनोज चौधरी ने बताया कि संदीप व गौरव दोनों ही फौज में थे।
गौरव फौज में नायक के पद पर तैनात थे। बुधवार को गौरव की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। मां अनीता (60) को गौरव की मौत का इस कदर सदमा लगा कि वह पूरे दिन सदमे में रही। मनोज ने बताया कि उनकी ताई पूरे दिन किसी से नहीं बोली और गुमसुम बैठी रही।
गुरुवार सुबह सदमे के चलते उनकी भी मौत हो गई। 24 घंटे में मां-बेटे की मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। गौरव की पत्नी रेखा व दो बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों का उनके पैतृक गांव पाबली खुर्द में अंतिम संस्कार किया गया। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव कार्यकर्ताओं के साथ मृतक के आवास पर पहुंचे और परिवार को सांत्वना देते हुए दोनों को श्रद्घांजलि दी।
बताया गया कि ओमबीर के बड़े पुत्र संदीप की वर्ष 2010 में मौत हो चुकी है। संदीप भी फौज में थे। उनकी गोली मारकर हत्या की गई थी। पहले से ही बड़े बेटे को खो चुकी अनीता छोटे बेटे की मौत का गम नहीं सह सकी। जिस कारण उन्होंने भी सदमे में दम तोड़ दिया। पिता ओमबीर ने दु:खी मन से दोनों को कंधा दिया और उनका अंतिम संस्कार किया।

