- चीफ जस्टिस की कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हाईकोर्ट की लगातार फटकारों के बाद भी कोतवाली के भगत सिंह मार्केट में अवैध कब्जों व निर्माण को लेकर हालात जस के तस बने हुए हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई अब चार जनवरी को होगी। वहीं, दूसरी ओर करीब हर माह 90 लाख के खर्चे पर पल रहे निगम के प्रवर्तन दल की भी हिम्मत भगत सिंह मार्केट के अवैध निर्माण मामले को लेकर जवाब दे गयी है।
भगत सिंह मार्केट में अवैध कब्जों व निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। इस पर सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन की ओर से कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया गया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण तो यह कि कोर्ट की लगातार सख्ती के बाद भी अवैध कब्जों व निर्माण मामले में भगत सिंह मार्केट को लेकर तस्वीर बदलती नहीं दिखाई दे रही है। हालात जस के तस बने हैं।
बुधवार को जनवाणी संवाददाता जब भगत सिंह मार्केट पहुंचे तो जिन 41 ठेलों को हटाए जाने का दावा कोर्ट के समक्ष शपथ पत्र दाखिल कर किया गया है, वहां की हालात देखकर नहीं लगता था कि कोई ठेला हटाया गया है। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने तो प्रशासन के शपथ पत्र को झूठा पुलिंदा करा दिया है।
उन्होंने बताया कि कुछ भी यहां नहीं बदला है। जहां तक प्रवर्तन दल की बात है तो वो निगम के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। भगत सिंह मार्केट में ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान भाजपाइयों व व्यापारी नेताओं के विरोध के बाद प्रवर्तन दल इस ओर आने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा है। लोकेश खुराना ने बताया कि अब अगली सृुनवाई जनवरी माह में ही हो सकेगी।
कमजोरों पर लगाया जोर
लिसाड़ीगेट क्षेत्र में दो जून की रोटी का जुगाड़ करने के लिए जो गरीब दुकानदार सड़क किनारे सामान लेकर खडेÞ हैं निगम का प्रवर्तन दल बुधवार को उन पर जोर आजमाइश करने जा पहुंचा। जबकि यह जोर आजमाइश कोर्ट में विचाराधीन भगत सिंह मामले को लेकर की जाती तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। लिसाड़ी गेट क्षेत्र में प्रवर्तन दल के अधिकारी गरीब कमजोर फड़ लगाने वालों पर जोर आजमाइश करते नजर आए।

