- दो हजार रुपये बीघा के हिसाब से हुआ ठेका
- पलेज में खूब इस्तेमाल होता है कीटनाशक दवाईयां व यूरिया उर्वरक
- वन विभाग के दारोगा ने ग्रामीणों को अवैध रुप से दिया ठेका
जनवाणी संवाददाता |
बिजनौर: प्रधानमंत्री मोदी के गंगा अविरल अभियान पर बिजनौर खादर क्षेत्र में पलीता लगाया जा रहा है। जनपद के गंगा खादर में वन विभाग की जमीन पर अवैध रुप से पलेज की खेती की जा रही है। इन पलेज में कीटनाशक दवाईयों और यूरिया उर्वरक का खूब इस्तेमाल होगा। वन विभाग के एक दारोगा ने इस अवैध खेती का ठेका दो हजार रुपये बीघा के हिसाब से ग्रामीणों को दे दिया है।
जनपद के गंगा खादर में इस बार गेहूं अवैध फसल नहीं उगाई गई। लेकिन गर्मी के लिए पलेज की फसल का ग्राम मुजफ्फपुर केशो व बाकरपुर गढ़ी के निवासियों ने वन विभाग के अधिकारियों की टीम से मिलीभगत कर गंगा जी की जमीन पर पलेज की खेती का कार्य करना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों को माने तो दो हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से वन विभाग ने उनको ठेका दे दिया है। खीरा, लोकी, तरबूज, टमाटर, खरबूजा, तुरई, कांशीफल आदि पलेज की खेती इस जमीन में की जाएगी। इस जमीन मेें खूब कीटनाशक दवाईयां और यूरिया उर्वरक का इस्तेमाल होगा।
आरोप है कि ग्राम मुजफ्फरपुर केशो के पिंकू, बाबू, बासे, सतीश, ओमी,, काले, नरेश, मुकेश, मूलचंद, भूरा, मनोज, राजवीर, रणवीर, सुरेश, संतराम, सयानन व धनी आदि गांव बाकरपुर घड़ी के अतर सिंह, सोमपाल, सपड़, राजू आदि गांव ब्रह्मपुरी के सतीश, विनोद, पाली कुछ और लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को पैसे देकर पलेज लगाने का कार्य किया शुरू।
इससे गंगा की जमीन पर उर्वरक और कीटनाशक का इस्तेमाल किया जाएगा। आरोप है कि यह सब वन विभाग के अफसरों की मिलीभगत से चल रहा है। ग्रामीणों की माने तो दो हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन का ठेका दिया जा रहा है।
उधर डीएफओ डा. एम सेम्मारन ने बताया कि गंगा खादर क्षेत्र में अवैध पलेज लगाने की जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसमें वन विभाग का कोई अफसर दोषी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

