Tuesday, April 28, 2026
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गोरखपुर में सबकी लाड़ली बन गई दुधमुंही सिंबी

  • डीएफओ पूछते हैं शावक सिंबी का हालचाल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: किठौर के भगवानपुर बांगर गांव के जंगल में मिली मादा तेंदुआ शावक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में चैन की सांस ले रही है। वन्यजीच चिकित्सक की सघन निगरानी और लाड़ प्यार ने सिंबी की सेहत को सुधार दिया है और अब वो नियमित डाइट ले रही है।

बता दें कि भगवानपुर बांगर के जंगल में ग्रामीणों द्वारा शावक को उठाने के कारण मादा तेंदुआ मां ने 20 दिन की शावक सिंबी को पहचानने से इंकार कर दिया, वो शावक अब गोरखपुर में मजे की जिंदगी गुजार रही है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि सिंबी को गोरखपुर में मनपसंद बेबी डॉग मिल्क दिया जा रहा है। हर दो से तीन घंटे पर उसका हेल्थ चैकअप भी हो रहा है।

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सिंबी के कमरे को बार-बार सेनेटाइज भी किया जा रहा है। डा. योगेश उसका बेहद ख्याल रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो अक्सर प्राणि उद्यान के अधिकारियों से बात करके हाल चाल पूछते रहते हैं। वहां प्राणी विशेषज्ञ लगातार सिंबी की देखभाल कर रहे हैं। उसके शरीर का तापमान, पल्स, वजन चैक किया जा रहा है। शावक पूरी तरह स्वस्थ्य है। उन्होंने कहा जिस पिंजरे में उसे रखा गया है।

उसका बहुत ख्याल रखा जा रहा है। कम उम्र में मां से बिछुड़ने के कारण सिंबी के स्वास्थ्य पर खास नजर रखी जा रही है। सिंबी भले गोरखपुर के लिये चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन उसकी यादें मेरठ से कभी जुदा नहीं हो पाएंगी। सैन्य क्षेत्र में जब पांच दिन पहले तेंदुए की आहट हुई तो वन विभाग की कार्रवाई ने सिंबी की याद दिला दी।

गत नौ अप्रैल को मेरठ से गोरखपुर गई सिंबी अब दो महीने से ज्यादा उम्र की हो गई है। उसको देखने की अनुमति भले अभी आम लोगों को न हो लेकिन प्राणि उद्यान के कर्मचारियों के लिये वो खिलौना बनी हुई है। गोरखपुर चिड़ियाघर के डॉ. योगेश कुमार सिंह की निगरानी में सिंबी की हर गतिविधि को नोटिस किया जा रहा है। गोरखपुर चिड़ियाघर में सिंबी को खूब प्यार-दुलार मिल रहा है।

छोटी और क्यूट होने के कारण सिंबी पूरे जू की रौनक बन गई है। गौरतलब है कि भगवानपुर बांगर के जंगल में वन विभाग ने शावक को उसकी मां से मिलाने का तीन दिन तक प्रयास किया था, लेकिन शावक में इंसानी गंध आने के कारण मां ने उसे नकार दिया था। तभी से सिंबी अपनी मां के बिना जिंदगी गुजार रही है।

नहीं मिला तेंदुआ, वन विभाग ने हटाया पिंजरा

सैन्य क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक ने वन विभाग और सैन्य क्षेत्र को अलर्ट कर दिया था। वन विभाग ने पांच दिन पहले जो पिंजरा लगाया था वो तेंदुए को आकर्षित करने में नाकामयाब रहा। अब वन विभाग ने पिंजरा हटा दिया है। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि पिंजरा लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ। क्योंकि उस क्षेत्र में तेंदुये की कोई दस्तक नहीं दिखाई दी।

पिंजरे में एक दिन बकरी, कुत्ता आदि बांध कर रखा गया, लेकिन बिल्ली प्रजाति का कोई जानवर नहीं दिखाई दिया। ट्रैप कैमरे में मोर और वाइल्ड बोर जरूर चहलकदमी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब पिंजरे को हटा लिया गया है। गौरतलब है कि सैन्य क्षेत्र में दावा किया गया था कि तेंदुआ घूम रहा है। इस पर वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया था।

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