Saturday, April 17, 2021
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होली के दिन भयानक हादसा, सिलेण्डर फटने से एक की मौत, चार लोग घायल

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  • डल्लू देवता के मंदिर पर गैस के गुब्बारे वाले सिलेण्डर में ब्लास्ट के बाद मचा कोहराम
  • गुब्बारे वाले की अस्पताल में मौत, परिजनों ने किया हंगामा, चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप
  • मंत्री कपिल देव ने अस्पताल पहुंचकर दिया लोगों को मदद का भरोसा

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: होली के दिन सुबह ही भयानक हादसा हो जाने के कारण जनपद में सनसनी फैल गयी। होली के अवसर पर पूजा अर्चना करने के लिए शामली रोड पर स्थित डल्लू देवता मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी थी। मन्दिर पर मेले जैसा वातावरण बना हुआ था। इसी बीच मंदिर गेट के पास ही गुब्बारे बेच रहे एक युवक का गैस सिलेण्डर अचानक फट गया।

ब्लास्ट इतना तीव्र था कि मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गयी। इस ब्लास्ट के साथ गुब्बारे बेचने वाले युवक सहित कई लोग घायल हो गये। उनके शरीर के अंग चीथड़े बनकर हवा में दूर जाकर गिरे। चारों ओर खून और चीख पुकार ने अजीब वातावरण बना दिया था।

इस हादसे में एक युवक की मौत हो गयी, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर है। उनको रैफर किया गया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया।

पुलिस और एम्बुलेंस भी देरी से पहुंचने की शिकायत करते हुए नाराजगी जताई। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को सरकार की ओर से मदद का भरोसा दिया है।

डल्लू देवा मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।

रविवार को जनपद में होलिका दहन की तैयारी चल रही थी कि इसी बीच सुबह सवेरे ही एक भयानक हादसे की खबर ने पूरे जिले में हलचल पैदा कर दी। थाना शहर कोतवाली क्षेत्र के शामली रोड पर स्थित डल्लू देवता के मन्दिर पर सवेरे ही भयंकर हादसा होने के कारण पूरे जिले में हड़कम्प मच गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।

हादसा इतना भयावह था कि लोगों के शरीर को चीथडों में वहां से समेटना पड़ा। रविवार को डल्लू देवता मंदिर पर होलिका दहन से पूर्व पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी थी। मंदिर परिसर में मेले जैसा वातावरण बना हुआ था। मंदिर के बाहर और अन्दर के गेट पर अनेक प्रकार की दुकानों को सजाया गया था। बच्चे भी अपने माता पिता और रिश्तेदारों के साथ मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंचे थे। लोगों की लम्बी कतार मंदिर पर लगे हुए थी।

मंदिर परिसर में मौजूद पुलिस बल।

मंदिर के अंदर वाले गेट के पास एक युवक गैस के गुब्बारे भी बेच रहा था। गैस सिलेण्डर से गुब्बारों को फुलाकर उसने अपना ठिया सजा रखा था। इसी बीच करीब नौ बजे अचानक ही गैस का सिलेण्डर एक तेज ब्लास्ट के साथ फट गया। सिलेण्डर फटने की आवाज इतनी तीव्र थी कि दूर तक सुनाई दी। मौके पर अचानक ही चीख पुकार और अफरा-तफरी का आलम बन जाने से वहां पर भगदड़ मच गयी। कुछ ही पलों में पूरा मंदिर परिसर खाली हो गया। दुकानदार भी अपने ठिये छोड़कर भाग खड़े हुए थे।

इस ब्लास्ट में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। दो लोगों शरीर के चीथडे तो हवा में उड़कर दूर तक जाकर गिरे। इनके पैर शरीर से पूरी तरह से अलग हो गये थे। मौके पर चोरों ओर खून ही खून नजर आ रहा था। लोगों में चीख पुकार मची थी। इस भयंकर हादसे के बाद लोगों ने पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। एसडीएम सदर दीपक कुमार भी मौके पर पहुंचे।

मंदिर परिसर में लोगों से हादसे की जानकारी लेती पुलिस।

उन्होंने घायलों को जिला चिकित्सालय में भिजवाया। इस हादसे में गुब्बारे बेचने वाला युवक आशु कुमार पुत्र पप्पू निवासी गांव लकड़संघा गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसकी अस्पताल में मौत हो गयी। इसके अलावा हादसे में द्वारिकापुरी निवासी नवनीत शर्मा, खादरवाला निवासी अतुल कुमार, दीपक और स्नेह भी घायल हुए।

नवनीत शर्मा का पैर शरीर से जुदा हो चुका था। अतुल कुमार का पैर भी बुरी तरह से फट चुका था। दोनों को मेरठ के लिए रैफर कर दिया गया। जबकि दीपक और स्नेह को मामूली चोट होने के बाद अस्पताल से प्राथमिक उपचार कर छुट्टी देकर भेज दिया गया।

अस्पताल में घायल का उपचार करते हुए।

आशु की मौत होने के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दी। सूचना मिलने पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। मृतक के चाचा अजय सिंह का आरोप है कि आशु को बचाया जा सकता था, लेकिन बार-बार कहने पर भी चिकित्सकों ने आशु के शरीर से बहते खून को रोकने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया गया।

इसके चलते आशु की मौत हो गयी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पैसों का खेल चलता है, यहां पर गरीबों के लिए कोई सुविधा नहीं है। परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही किये जाने की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद पुलिस और एम्बुलेंस भी काफी देर से पहुंचे थे।

इमरजेंसी मेडिकल आफीसर का कहना है कि हादसे के बाद करीब पौने दस बजे अंकित पुत्र ईश्वर घायल आशु को लेकर पहुंचा था। आशु को गंभीर अवस्था में मेरठ रैफर कर दिया गया था। परिजन कुछ ही देर में उसको पुन: अस्पताल लाये, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। कोई भी लापरवाही उपचार में नहीं बरती गयी है। इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था, जबकि परिजन घंटों तक अस्पताल में ही जमे रहे।

इसी बीच राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने दुर्घटना के सम्बंध में जानकारी ली और परिजनों को भी ढांढस बंधाया। अस्पताल के स्टाफ के प्रति लोगों की नाराजगी को लेकर उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों को घायलों के उपचार के लिए बेहतर व्यवस्था के लिए कहा गया है। इसमें गंभीर घायल एक व्यक्ति को मुजफ्फरनगर में ही एक निजी चिकित्सक के यहां पर भर्ती कराया गया है।

वह खुद भी उसको देखने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डल्लू देवता मंदिर पर प्रति रविवार को भक्तों का मेला लगता है। होली की पूजा होने के कारण यहां पर ज्यादा भीड़भाड़ थी। यहां पर लोगों के देवता भी होने के कारण दूर दराज से भी लोग पहुंचते हैं। सिलेण्डर अचानक फटने से यह हादसा हुआ है। यह गंभीर है। पीड़ितों को सरकार से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जायेगी।

पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था मृतक आशु

डल्लू देवता मंदिर पर रविवार सवेरे हुए भयंकर हादसे में मारा गया युवक आशु कुमार अपने परिवार का बड़ा सहारा था। उसका एक छोटा भाई भी है। पिता और भाई का अस्पताल में रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। आशु खुद तो पढ़ाई कर ही रहा था, अपने छोटे भाई को भी पढ़ा रहा था। वह मेहनत मजदूरी करते हुए वह घर में भी आर्थिक रूप से मदद करता था। उसका पिता पप्पू भी मजदूरी ही करता है।

आशु के चाचा अजय सिंह ने बताया कि आशु काफी होशियार था। वह छोटी सी उम्र मे ही अपनी शिक्षा के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी उठाने लगा था। वह परिवार की आजीविका का साधन बना हुआ था। आशु को पुलिस में भर्ती होने की इच्छा थी, इसी के लिए वह तैयारी भी कर रहा था, लेकिन अब इस परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पत्नी अपने पति के कटे पैर को हाथ लेकर पुकारती रही मदद

डल्लू देवता पर रविवार को हुए हादसे की भयावहता शब्दों में बयान नहीं की जा सकती है। यहां पर इस हादसे ने कई परिवारों को जीवन भर का दुख दिया है। हादसे के बाद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें मंदिर के गेट पर ही एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। उसका एक पैर पूरी तरह से गायब है और शरीर के चारों और खून ही खून है। इस घायल व्यक्ति के पास एक औरत जोर जोर से चीखते हुए कह रही कि कोई उसके पति को बचा लो।

महिला के चीखने चिल्लाने पर कुछ लोग वहां पर दौड़ते हैं। इनमें से एक व्यक्ति इस घायल व्यक्ति के कटे हुए पैर पर घुटने के हिससे पर चादर फाडकर बांधता है ताकि खून को बहने से रोका जा सके। इसी बीच महिला दूर से अपने पति का कटा हुए पैर का हिस्सा खुद अपने हाथों से उठाकर लाती नजर आती है। वह इस पैर को चादर से बांधने का आग्रह करते हुए अपने परिजनों को फोन पर जल्दी पहुंचने के साथ ही अपने बच्चों को भी तलाशने में बदहवास नजर आती है।

आंखों के आगे गिरे शरीर के अंग, कटे अंग अस्पताल लेकर पहुंचे लोग

डल्लू देवता मंदिर पर हादसे के भयानक स्वरूप होने की गवाही प्रत्यक्षदर्शी दे रहे हैं। मंदिर पर मेले में ही गेट के पास शिवकुमार ने भी अपना ठिया लगा रखा था। शिवकुमार ने बताया कि आशु ने उसके ठिये के सामने ही गुब्बारे का ठिया लगाया था। वह प्रत्येक रविवार को मंदिर पर गुब्बारे बेचने के लिए आता था। सभी अपने कार्यों में व्यस्त थे, सवेरे से ही मंदिर पर भारी भीड़ होने के कारण भक्तों की कतार लगी थी। अचानक तेज धमाका हुआ और शिवकुमार की आंखों के सामने उसके ठिये के पास ही एक कटा पैर आकर गिरा तो वह सहम गया।

आशु के शरीर के भी चीथड़े हो गये थे, वह खून से लथपथ कराह रहा था। अचानक मची अफरातफरी में शिवकुमार भी भाग खड़ा हुआ था। इसके अलावा हादसे के बाद घायलों को जब जिला अस्पताल में लाया गया था, तो उनके परिजन अपने हाथों में कटे हुए शरीर के अंग लेकर पहुंचे, जिसको देखकर वहां मौजूद लोग भी सहम गये। परिजन इन अंगों के साथ इमरजेंसी में घूमते रहे।

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