- अपमान: जयंत चौधरी को नहीं बिठाया मंच पर, दर्शक दीर्घा में बैठे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: किसान मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी की दर्शक दीर्घा में मौजूदगी उनके समर्थकों को भी आहत कर देने वाली हैं। एक तरह से ये जयंत चौधरी का अपमान ही कहा जाएगा। क्योंकि एनडीए घटक दलों के तमाम नेता मंच को शोभित कर रहे थे, सिर्फ जयंत चौधरी ही ऐसे थे, जो दर्शक दीर्घा में बैठे थे। ये उनका अपमान नहीं तो और क्या हैं? उन्हें मंच पर आमंत्रित ही नहीं किया गया।
यही नहीं, दर्शक दीर्घा में भी तीसरी कतार में पीछे नवनिर्वाचित सांसदों के साथ बैठाया गया। जयंत का अपमान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं। इसको लेकर खूब बहस छिड़ गई हैं। मंच पर जयंत चौधरी को स्थान नहीं मिलने पर विवाद छिड़ गया है। कहां जा रहा है यह एक तरह से रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी का अपमान हैं। सपा और कांग्रेस ने जयंत चौधरी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि किसानों के मसीहा और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के पौत्र का अपमान है।
दरअसल, संविधान पुरानी संसद केंद्रीय कक्ष में भाजपा सहित एनडीए के सभी घटक दलों के नवनिर्वाचित सांसदों की एक संयुक्त बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता चुना गया। इस बैठक में एनडीए घटक दलों के सभी अध्यक्षों पार्टी को मंच पर बैठाया गया था। बेहद शर्म की बात ये है कि राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को मंच के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया। दर्शक दीर्घा में भी तीसरी लाइन में बैठया गया। यही नहीं, नवनिर्वाचित सांसदों के साथ तीसरी लाइन में उन्हें बैठे हुए देखा गया।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने जयंत चौधरी पर कटाक्ष किया है और कहा है कि यह किसानों के मसीहा और पूर्व प्रधानमंत्री स्व.चौधरी चरण सिंह के पौत्र का अपमान है। हालांकि रालोद ने ये कहकर पीछा छुड़ा लिया कि ये कोई बड़ी बात नहीं हैं। यही नहीं, रालोद नेताओं ने इससे भी इनकार किया है कि भाजपा के साथ जयंत चौधरी की कोई बड़ी डील हुई है। मंच पर जगह नहीं देना, अपमान का बड़ा संदेश दे रहा हैं। चिराग पासवान, अनुप्रिय पटेल को भी मंच पर जगह दी गई, लेकिन जयंत चौधरी को नहीं।
ये सीधे जयंत चौधरी का अपमान हैं। उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी इसको किसान मसीहा चौधरी साहब के पोत्र का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि इस अपमान को जयंत चौधरी को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने जयंत चौधरी का अपमान बताया और कहा कि जयंत चौधरी को अपने निर्णय पर फिर से मंथन करने की जरूरत हैं। जयंत चौधरी को एनडीए को छोड़कर तत्काल इंडिया गठबंधन में लौटने की नसीहत भी दे डाली।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के दरवाजे जयंत चौधरी के लिए खुले हुए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में तस्वीरों में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, जनता दल यूनाइटेड सुप्रीमो नीतीश कुमार, लोजपा प्रमुख चिराग पासवान और एनडीए के घटक दलों के अन्य नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर बैठे दिखाई दिए, लेकिन जयंत चौधरी एनडीए के निर्वाचित सांसदों के बीच बैठे थे, वो भी तीसरी लाइन में…।

