- सेंचुरी की ओर सीएमओ, छह झोलाछापों पर एफआईआर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मंगल पांडे नगर इलाके में तमाम कायदे कानून ताक पर रख कर संचालित किए जा रहे अल्फा नर्सिंगहोम का लाइसेंस सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने निरस्त कर दिया है। शासन द्वारा निर्देशित कायदे कानूनों को लेकर गंभीरता न बरतने वाले नर्सिंगहोम सीएमओ के रडार पर हैं। इनको लेकर किसी प्रकार की रियायत के मूड में सीएमओ नहीं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीन दिनों के भीतर ताबड़तोड़ छापों के बाद चार नर्सिंगहोमों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।

इतना ही नहीं कायदे कानूनों को लेकर गंभीरता न बरते जाने वाले नर्सिंगहोमों के अलावा झोलाछाप डाक्टर भी स्वास्थ्य विभाग के रडार पर हैं। चार दिनों में छह झोलाछाप डाक्टरों पर एफआईआर करायी गयी है। बतौर सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने कोरोना काल में जब चारों ओर त्राहि मची थी तब 25 नवंबर 2020 को चार्ज ग्रहण किया था। मेरठ में बतौर सीएमओ चार्ज लेने के बाद से अब तक लगभग सौ ऐसे नर्सिंगहोमों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं
जो शासन द्वारा तय किए गए कायदे कानूनों को लेकर गंभीर नहीं। लापरवाही बरतते हैं। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि लाइसेंस निरस्त किए जाने की बात है तो इस काम में पूरी सावधानी से जांच की जाती है। यह बेहद गंभीर प्रक्रिया है। जहां तक सेंचुरी की बात है तो उम्मीद है कि आने वाले 10 दिनों में यह पूरी भी हो सकती है।
आरोपी महिला दारोगा लाइन हाजिर
किठौर: कस्बे में बालिका के साथ बर्बरता करने वाली महिला दारोगा पर आखिर गाज गिर गई। पीड़ित बालिका के परिजनों की शिकायत और विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने आरोपी महिला दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया। सोमवार को किठौर थाने की महिला दारोगा पद्मावती ने मोहल्ला कुम्हारान निवासी विनोद की पुत्री राधिका 12 पर कुंडल चोरी का आरोप लगा न सिर्फ बर्बरता से पिटाई की बल्कि शिकायत करने पर उसे परिवार समेत झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी भी दी थी।

पिटाई से राधिका के दोनों बाजू पर निशान व सूजन आ गई थी। राधिका ने अपनी मां और ट्यूशन टीचर संग थाने पहुंच सीओ रूपाली राय से इसकी शिकायत की थी। बताया था कि वह गुंजन कौशिक के यहां ट्यूशन पढ़ने जाती है। महिला दारोगा पद्मावती गुंजन के मकान में किराए पर रहती है। कुछ दिन पूर्व महिला दारोगा ने उससे अपने कमरे की सफाई के लिए कहा। राधिका ने स्कूल टाइम का हवाला देकर मना कर दिया। इससे क्षुब्ध महिला दारोगा ने पीड़िता पर गहने चोरी का इल्जाम लगाकर उसके साथ बर्बरता की।
घटना को सीओ स्तर पर दबाने की कोशिश की गई, लेकिन मीडिया को भनक लगते ही मामला तूल पकड़ गया। उच्चाधिकारियों ने सीओ को जांच के आदेश दिए। विभागीय जांच और पीड़िता द्वारा की गई शिकायत के आधार पर एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मंगलवार को आरोपी महिला दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया। बता दें कि मंगलवार को पीड़िता के साथ उसकी मां रजनी और कस्बे के कई अन्य लोगों ने एसएसपी से मिलकर आरोपी महिला दारोगा पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी।

