जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी कनेक्शन को निलंबित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के बाद पूर्ति विभाग ने ऐसे 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की पहचान शुरू कर दी है, जो पीएनजी और एलपीजी दोनों सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
इस प्रक्रिया के तहत पीएनजी और एलपीजी उपभोक्ताओं के डाटा का आधार कार्ड के माध्यम से मिलान किया जा रहा है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और दोहरे कनेक्शन की व्यवस्था समाप्त हो सके।
जिलापूर्ति अधिकारी (डीएसओ) के अनुसार जिले में 87 गैस वितरक कार्यरत हैं और करीब 13.57 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 3.40 लाख लाभार्थी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े हैं। वहीं, शहर में 75 हजार से अधिक पीएनजी उपभोक्ता हैं। जांच में सामने आया है कि 50 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन लेने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन भी सक्रिय रखा हुआ है और नियमित रूप से सिलिंडर प्राप्त कर रहे हैं।
मंत्रालय ने पहले ऐसे उपभोक्ताओं से स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की थी। अब भी ऐसा नहीं करने वालों के कनेक्शन निलंबित किए जाएंगे। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि कनेक्शन पूरी तरह समाप्त नहीं किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता भविष्य में अपने निलंबित कनेक्शन को दोबारा सक्रिय करा सकेंगे।
आधार से हो रहा डाटा मिलान
पूर्ति विभाग पीएनजी और एलपीजी उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड का आधार कार्ड के जरिए सत्यापन कर रहा है। आधार संख्या के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि किसी उपभोक्ता के नाम पर एक ही पते पर दोनों प्रकार के गैस कनेक्शन तो नहीं हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद दोहरे कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
नए पीएनजी कनेक्शन पर जोर
दूसरी ओर, पीएनजी के विस्तार को बढ़ावा देने के लिए नए कनेक्शन देने का अभियान भी तेज किया गया है। ग्रीन गैस लिमिटेड (गेल) को 30 जून तक पांच हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य मिला है। डीएसओ के अनुसार, 5 जून तक करीब तीन हजार नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं।
उपभोक्ताओं से अपील
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जो लोग सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती गैस सेवा का लाभ लेना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करें।

