- 26 सितंबर से शुरु हो रहे हैं शारदीय नवरात्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ होता है। वहीं, उससे एक दिन पहले यानी अमावस्या को सभी पितृ गण विदा हो जाते हैं। जिसके बाद मां दुर्गा का आगमन होता है। कलश स्थापना के साथ पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितंबर यानि सोमवार से शुरु हो रहे हैं, जोकि चार अक्टूबर तक चलेंगे। इस साल मां दुर्गा हाथी की सवारी पर पृथ्वी लोक में पधारेंगी। जिस दिन से नवरात्रि का प्रारंभ होता है उसी दिन के अनुसार माता अपने वाहन पर सवार होकर आती हैं। माता अपने भक्तों को एक विशेष संकेत भी देती हैं।
वहीं इस वर्ष मंदिरों में कोरोना पाबंदियों से मुक्त पर्व की तैयारियां की जा रही है। नवरात्र के दौरान जहां लोग बड़े-बड़े अनुष्ठान करते है वहीं गरबा भी खेला जाता है। ज्योतिषाचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार 25 सितंबर दोपहर 3 बजकर 23 मिनट से 26 सितंबर दोपहर 3 बजकर 8 मिनट तक प्रतिपदा तिथि रहेगी। सोमवार को माता का आगमन हो रहा है। यदि रविवार और सोमवार को मां का आगमन होता है तो वह हाथी पर आती है।
क्या है हाथी की सवारी का महत्व?
नवरात्र में मां दुर्गा का अलग-अलग वाहनों के साथ आगमन होता है। मां दुर्गा घोड़े, भैंस, डोली, मनुष्य, नाव और हाथी जैसी चीजों पर सवार होकर आती हैं, लेकिन इनमें से मां दुर्गा का नाव और हाथी पर आना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इसके अलावा अन्य सभी वाहनों पर अशुभ संकेत होते हैं। धार्मिक दृष्टिकोण के अनुसार मां का हाथी पर सवार होकर आना बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है। क्योंकि हाथी पर अगर मां दुर्गा आती है तो वह अपने साथ सुख समृद्धि लेकर आती है।

