- बीसीसीआई का प्लान- धौनी फियरलेस स्किल्स सिखाएं, मकसद- टी-20 टीम आक्रामक बने
- 2 साल बाद जून 2024 में होने वाले वर्ल्ड कप को लेकर हो सकता है बदलाव, हार्दिक पंड्या बोर्ड की चॉइस
मुंबई, वार्ता: बीसीसीआई बिना विश्व कप खिताब के देश लौटी टी-20 टीम को बदलने की योजना बना रहा है। बोर्ड की योजना में 2007 का खिताब जिताने वाले महेंद्र्र सिंह धौनी का भी रोल है। बोर्ड टी-20 टीम को आक्रामक बनाने के लिए धौनी को फिर टीम से जोड़ सकता है। बोर्ड टी-20 विश्व कप 2021 में भी धौनी को मेंटॉर के तौर पर टीम के साथ भेज चुका है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई इंग्लैंड की तरह फियरलेस क्रिकेट खेलने वाली टीम बनाना चाहता है। इसमें वो धौनी की एक्सपर्ट स्किल्स की मदद लेने पर विचार कर रहा है और जल्द ही फैसला भी लेगा। भारतीय क्रिकेट में बदलाव को लेकर बीसीसीआई और भी कई पॉइंट्स पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक धौनी को बीसीसीआई बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकता है। उन्हें लिमिटेड ओवर यानी टी-20 और वनडे के लिए कोच या डायरेक्टर भी बनाया जा सकता है। टीम इंडिया ने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहली बार वनडे वर्ल्ड कप जीता था।
इसके बाद धौनी की कप्तानी में 2011 में यह खिताब हमारे देश के पास आया। इसके अलावा पहला टी-20 विश्व कप भी धौनी की कप्तानी में ही जीता गया था। एमएस ने 15 अगस्त 2020 को वनडे और टी-20 से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 30 दिसंबर 2014 को आॅस्ट्रेलिया में आखिरी टेस्ट खेलकर इस फॉर्मेट से भी संन्यास का ऐलान किया था। 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में धौनी की कप्तानी में इंडिया वर्ल्ड कप चैंपियन बनी थी। भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराया था।
बीसीसीआई इंग्लैंड की तर्ज पर लिमिटेड ओवर और टेस्ट की अलग-अलग टीम बनाने पर विचार कर रहा है। इतना ही नहीं, इन टीमों के लिए अलग-अलग कोचिंग स्टाफ भी अपॉइंट किया जा सकता है। अलग कोच पर इस महीने होने वाली मीटिंग में फैसला लिया जा सकता है। बीसीसीआई के सोर्स पहले भी कह चुके हैं कि 2 साल बाद जून 2024 में होने वाले वर्ल्ड कप को लेकर बदलाव हो सकता है।
हार्दिक पंड्या बोर्ड की चॉइस हैं। उन्हें नई टीम के साथ लंबे समय तक कप्तानी सौंपने पर विचार किया जा सकता है। टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में इंडिया को इंग्लैंड के हाथों हार मिली। इंडिया 168 का स्कोर डिफेंड नहीं कर पाई। इंग्लैंड के ओपनर्स बटलर और हेल्स ने 10 विकेट से जीत दिलाई। टी-20 वर्ल्ड कप जीत चुके इंग्लैंड ने अपनी क्रिकेट में काफी बदलाव किए हैं। इंग्लैंड की टीम 7 साल पहले वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश से हारी थी। वह क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंच पाई। इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने कड़े फैसले लिए और बदलाव शुरू किए।
एंर्ड्यू स्ट्रॉस बोर्ड के बॉस बने। उन्होंने इयॉन मॉर्गन और कोच ट्रेवर बेलिस को टीम को दोबारा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। इंग्लैंड ने टी-20, वनडे और टेस्ट के लिए अलग-अलग कप्तान और कोच अपॉइंट किए हैं। जोस बटलर टी-20 और वनडे कप्तान हैं। मैथ्यू मोट कोच हैं। बेन स्टोक्स टेस्ट टीम के कैप्टन हैं और ब्रेंडन मैकुलम कोच हैं। मॉर्गन को टीम को दोबारा खड़ा करने का श्रेय दिया जाता है तो बटलर-मोट की जोड़ी को आज की आक्रामक टीम बनाने का।
इसी साल 13 नवंबर को जोस बटलर की अगुआई में इंग्लैंड की टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप जीता। बटलर की टीम ने पाकिस्तान को हराया। अब वेस्टइंडीज और यूएई में 2024 में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए बीसीसीआई भी इंग्लिश बोर्ड की तर्ज पर बदलाव करेगा। 2023 में वनडे वर्ल्ड कप भारत में ही खेला जाना है। इसके बाद 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप अमेरिका और वेस्टइंडीज में होना है। ऐसे में वनडे के लिए करीब 1 साल और टी-20 वर्ल्ड कप के लिए 2 साल बचे हैं। टीम मैनेजमेंट चाहता है कि इन दोनों वर्ल्ड कप के लिए नए सिरे से टीम तैयार की जाए।
इसके लिए अभी से तैयारियां की जा रही हैं। पूर्व भारतीय कोच अनिल कुंबले भी अलग-अलग टीमों के फेवर में हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था- अब समय आ गया है कि भारत में भी टेस्ट और लिमिटेड ओवर की टीमें पूरी तरह से अलग-अलग हों। टी-20 में टी-20 स्पेशलिस्ट हों और आपकी टीम में ज्यादा से ज्यादा आॅलराउंडर हों। टी-20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया में कई खामियां नजर आई। टीम के पास जहां आॅलराउंडर्स की कमी थी, वहीं हमारी ओपनिंग पेयर काफी कमजोर दिखी। खिताब जीतने वाले इंग्लैंड के पास आखिरी तक बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी थे।

