Sunday, January 23, 2022
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टिकट को लेकर प्रमुख दलों के दावेदारों में दो-दो हाथ

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  • राजधानी लखनऊ में डटे हैं सपा के एक दर्जन सूरमा
  • नामांकन से एक-दो रोज पहले भाजपा घोषित करेगी उम्मीदवार
  • कांग्रेस सात में से दो सीटों पर उतार सकती है महिला प्रत्याशी

    मुख्य संवाददाता  |

सहारनपुर:  मतदान की तिथियां घोषित होते ही सभी प्रमुख सियासी दलों मेें सरगर्मी बढ़ गई है। कोई ऐसा दल और कोई ऐसी सीट नहीं है, जिस पर कि टिकट के दावेदारों में रस्साकशी न हो रही हो। जहां तक सत्तानशीं भाजपा का सवाल है तो इसके उम्मीदवारों की सूची नामांकन से एक-दो रोज पहले जारी किए जाने की संभावना है।

उधर, भाजपा की धुर विरोधी समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर घमासान मचा है। दिलचस्प ये भी है कि रालोद से गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर अभी कुछ साफ नहीं है। केवल बसपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम जगजाहिर किए हैं। जनाधार से छिटकी कांग्रेस में भी उहापोह की स्थिति है।

यह बताने की जरूरत नहीं कि सहारनपुर की सात विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण में यानि कि 14 फरवरी को मतदान होगा। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 21 से 28 जनवरी तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 29 जनवरी को जबकि नाम वापसी की तिथि 31 जनवरी निर्धारित है।

यह भी दिलचस्प है कि सातों विधानसभा सीटों पर इस बार 2580386 वोटर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। अगर वर्तमान की सभी सातों विस सीटों की बात करें तो बेहट और देहात विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा है।

बेहट से नरेश सैनी तो देहात सीटपर मसूद अख्तर कांग्रेस के विधायक हैं। देवबंद, गंगोह, नकुड़ और रामपुर मनिहारान (सुरक्षित सीट) पर भाजपा का कब्जा है। सदर सीट पर सपा के विधायक संजय गर्ग हैं। अब जबकि चुनाव तिथियों की घोषणा हो चुकी है तो सभी दलों में टिकट के दावेदारों में होड़ मची है।

जहां तक सपा की बात है तो सदर सीट पर संजय गर्ग का चुनाव लड़ना तय है। बाकी अन्य सीटों पर सपा दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। चूंकि सपा-रालोद के गठबंधन की स्थिति में सीटों का बंटवारा अभी साफ नहीं हुआ है लिहाजा यहां भी खींचतान तेज हो गई है। देवबंद सीट सपा के खाते में रहेगी या रालोद इस सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगा, इसको लेकर भी असमंजस है।

हालांकि, इस सीट पर सपा से पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र राणा के बेटे कार्तिक राणा के अलावा पूर्व विधायक माविया अली की दावेदारी है। नकुड़ सीट पर युवा नेता शाहिल खान भी जोरआजमाइश कर रहे हैं। लेकिन, स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अगर इमरान मसूद सपा में शामिल होते हैं, जिसकी कि प्रबल संभावना है तो कई सीटों पर नाम परिवर्तन हो सकता है।

देहात सीट पर पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री आशु मलिक भी चुनाव लड़ने को तैयार बैठे हैं। बेहट सीट पर पूर्व एमएलसी उमर अली की दावेदारी है। रामपुर सीट पर विनोद तेजियान समेत तीन और नेता चुनाव लड़ना चाहते हैं। गंगोह सीट पर चौधरी इंद्रसेन का लड़ना लगभग तय है। इन दिनों सपा के दावेदार लखनऊ में डेरा जमाए हुए हैं।

सूत्रों का कहना है कि इमरान की सपा में एंट्री के बाद ही सपा मुखिया उम्मीदवारों के नाम की घोषणा करेंगे। उधर, सत्तानशीं भाजपा में भी घमासान मचा है। सदर सीट पर पांच, देहात पर चार, गंगोह और नकुड़ पर भी चार-चार तथा देवबंद और रामपुर सीट पर भी तीन से ज्यादा दावेदार हैं। भाजपा बहुत ठोक बजाकर टिकट देना चाहती है। संसदीय बोर्ड की बैठक में ही अंतिम फैसला होना है। माना जा रहा है कि नामांकन के दो तीन दिन पहले ही भाजपा अपने प्रत्याशी घोषित करेगी।

इसलिए दावेदारों में बेचैनी बढ़ गई है। कांग्रेस में भी अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इतना जरूर है कि कांग्रेस सात में से दो सीटों पर महिला प्रत्याशियों को उतारने के मूड में है।

इसमें सदर सीट और रामपुर सुरक्षित सीट पर कांग्रेस महिला उम्मीदवारों को उतार सकती है। बसपा ने जरूर अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों के नाम घोषित कर चुकी है। सियासी पंडितों का मानना है कि उम्मीदवारों के नाम घोषित होने पर ही सत्ता संंग्राम दिलचस्प मोड़ पर पहुंचेगा।

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