जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और सभी पात्र नागरिकों के नाम इसमें शामिल करना है। खासतौर पर युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
चुनाव आयोग के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के साथ आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे।
30 नवंबर को जारी होगी मसौदा मतदाता सूची
निर्वाचन आयोग ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की तारीखों की जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। वहीं, सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी। इस दौरान पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और जरूरी सुधार कराने का अवसर मिलेगा।
2027 में 18 साल के होने वाले युवाओं को भी मिलेगा मौका
इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में उन युवाओं को भी पहले से आवेदन करने की सुविधा दी जाएगी, जो वर्ष 2027 में 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को मतदान करने की पात्रता हासिल करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि पात्रता की तारीख आने पर वे मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
राज्यों को कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश
चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम समय पर पूरा कराने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट किया जाए, जिससे कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

