Friday, December 9, 2022
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जनपद में शुरू हुआ पुरुष नसबंदी पखवाड़ा

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  • परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सारथी रथ रवाना,
  • शहरी क्षेत्र में दो और ग्रामीण क्षेत्र में 33 सारथी रथ करेंगे लोगों को जागरूक
  • अप्रैल 2022 से अक्टूबर तक 115 पुरुषों ने स्वेच्छा से अपनायी नसबंदी

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: परिवार नियोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग का पुरुष नसबंदी पखवाड़ा सोमवार से शुरू हो गया है। पखवाड़ा दो चरणों में चार दिसंबर तक चलेगा। इस बार की थीम है। अब पुरुष निभाएंगे जिम्मेदारीए परिवार नियोजन अपना कर दिखाएंगे अपनी भागीदारी। पहले चरण में सोमवार को सरसावा ब्लाक से परिवार नियोजन के लिए जागरूकता वाहन सारथी रथ को रवाना किया गया। जिला मुख्यालय पर दो वाहन चलाए जाएंगे। मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीएमओ डा.संजीव मांगलिक इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

डिस्ट्रिक्ट कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर डीसीपीएम ब्रजेश ने बताया दम्पति में प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए पुरुषों की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है। प्रजनन स्वास्थ्य के दृष्टिगत पुरुष नसबंदी बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया नसबंदी को लेकर तरह.तरह की भरातियां जबकि यह एक मामूली शल्य क्रिया है तथा महिला नसबंदी की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित है। पुरुष नसबंदी के लिए न्यूनतम संसाधनों एवं बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है। पिछले कुछ वर्षों से किये जा रहे अथक प्रयासों के बावजूद वर्तमान में पुरुष नसबंदी की स्वीकृति दर बहुत कम है। उन्होंने बताया पुरुष नसबंदी पखवाड़ा संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देश जारी किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया पखवाड़ा का प्रथम चरण शुरू हो गया है।

जनपद के सभी 11 ब्लाक क्षेत्रों में 33 सारथी वाहन संचालित होंगे, जबकि जिला मुख्यालय पर दो वाहन चलाए जा रहे हैं। सरसावा ब्लाक में सोमवार को सारथी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। पखवाड़े के प्रथम चरण में एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता घर-घर पुरुष नसबंदी के लिए जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया परिवार नियोजन के क्षेत्र में कार्यरत हेल्थ पार्टनर्स और अन्य स्वयं सेवी संस्थाओंण्संगठनों का समुदाय में पुरुष नसबन्दी की सेवाओं को बढ़ावा देने में सहयोग लिया जाएगा। पुरुष नसबन्दी की स्वीकार्यता बढ़ाये जाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों का संवेदीकरण किया जा रहा है। डीसीपीएम ने बताया जनपद में गत एक अप्रैल 2022 से लेकर 20 अक्टूबर तक 115 पुरुष स्वेच्छा से नसबंदी करा चुके हैं।

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