जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से मतदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि मतदाता के मन में इस बात को लेकर कोई संदेह न रहे कि उसका वोट सही प्रत्याशी के पक्ष में दर्ज हुआ है।
मायावती ने कहा कि यदि किसी मतदाता को यह आशंका हो कि उसका वोट किसी दूसरे प्रत्याशी को चला गया या किसी और के खाते में दर्ज हो गया, तो यह लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था में लोगों के भरोसे के लिए गंभीर स्थिति होगी।
बैलेट पेपर से EVM तक का जिक्र
मायावती ने कहा कि देश में शुरुआती चुनावों के बाद करीब पांच दशक तक मतदान के लिए बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। बाद में चुनाव आयोग ने EVM के जरिए मतदान की व्यवस्था शुरू की।
उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा की ओर से भी EVM का विरोध किया गया था और चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे। मायावती ने सवाल उठाया कि केंद्र में सरकार बनने के बाद भाजपा ने EVM व्यवस्था को खत्म करने के बजाय इसे जारी क्यों रखा।
‘बसपा ने शुरू से किया EVM का विरोध’
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि उनकी पार्टी ने शुरू से ही EVM से मतदान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बसपा देश के दबे-कुचले, अनपढ़ और कम पढ़े-लिखे लोगों के हितों की बात करती है और इन वर्गों के बीच EVM को लेकर आशंकाएं हैं।
मायावती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर खास समर्थन नहीं होने के बावजूद उन्हें भाजपा की कथित साजिश और EVM में गड़बड़ी के जरिए चुनाव जिताया गया, ताकि बसपा को नुकसान पहुंचाया जा सके।
चंद्रशेखर आजाद पर भी निशाना
मायावती ने चंद्रशेखर आजाद पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों से बातचीत करने के बजाय धरना-प्रदर्शन कराया जाता है।
मायावती के मुताबिक, ऐसे प्रदर्शनों के कारण युवाओं पर कानूनी मामले दर्ज हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की वजह से युवाओं को भविष्य में सरकारी नौकरी हासिल करने में परेशानी हो सकती है।
VVPAT व्यवस्था पर भी सवाल
मायावती ने EVM के साथ इस्तेमाल होने वाली VVPAT व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी VVPAT पर्चियों की गिनती नहीं होने के कारण EVM में दर्ज मतों से उनका पूरा मिलान नहीं हो पाता।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें दूर से हैक किए जाने की आशंका भी जताई। मायावती ने कहा कि ऐसी आशंकाओं के बीच मतदाता के लिए अपने वोट के सही तरीके से दर्ज होने को लेकर भरोसा करना मुश्किल हो सकता है।
दिल्ली और पंजाब की कानून-व्यवस्था पर चिंता
मायावती ने दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और अन्य राज्यों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मुद्दों को लेकर सामने आ रही घटनाओं के बीच कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने संबंधित राज्य सरकारों से कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए उचित कदम उठाने की मांग की। मायावती ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना जनहित में जरूरी है।
EVM को लेकर फिर उठे सवाल
मायावती के बयान में EVM, VVPAT, मतदाता के भरोसे और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी मतदाता के मन में अपने वोट को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे।
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को लेकर लगाए गए आरोपों समेत EVM में गड़बड़ी के दावों को मायावती ने अपने बयान के जरिए सामने रखा है। इन दावों को लेकर आगे राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।

