जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र में जांगलिख पुल के पास सोमवार सुबह अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर जमा हो गए, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार से ही इस स्थान पर पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर गिर रहे थे। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों को खतरे का अंदेशा हो गया था। सोमवार सुबह अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सड़क पर मलबा, यातायात प्रभावित
भूस्खलन के बाद सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे से ढक गया। इससे दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सूचना के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। सड़क से मलबा हटाकर मार्ग को सुरक्षित तरीके से खोलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सुंदरू खड्ड का बहाव भी प्रभावित
भूस्खलन का असर पास की सुंदरू खड्ड पर भी पड़ा। पहाड़ी से गिरा मलबा खड्ड में पहुंचने के कारण कुछ समय के लिए पानी का बहाव प्रभावित हुआ। इससे आसपास के लोगों में जलस्तर बढ़ने को लेकर चिंता पैदा हो गई।
रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया कि खड्ड में पानी का बहाव अब दोबारा शुरू हो गया है और वहां झील बनने जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि, उन्होंने अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
नदी-खड्डों से दूर रहने की सलाह
प्रशासन ने जांगलिख क्षेत्र के साथ पब्बर नदी और आसपास की खड्डों के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के कारण बढ़ा भूस्खलन का खतरा
शिमला और आसपास के इलाकों में सोमवार को मौसम खराब रहा और हल्की बारिश भी हुई। बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल जांगलिख पुल के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित है। प्रशासन की प्राथमिकता सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलने के साथ-साथ सुंदरू खड्ड के जलप्रवाह और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी बनाए रखना है।

