- किसानों की नहीं बल्कि पूंजीपति मित्रों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार लाई है कृषि कानून
- चांदपुर के रामलीला मैदा न में केंद्र सरकार पर जमकर बरसी प्रियंका गांधी
जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कृषि कानूनों की आड़ में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा किसानों की सहानुभूति बटोरने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी बताया।
सोमवार को चांदपुर के रामलीला मैदान में आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महामंत्री प्रियंका गांधी ने कहां की सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों से किसानों की आय बढ़ने वाली नहीं है बल्कि सरकार के पूंजीपति मित्रों की आय जरुर दोगुनी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहंकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास विदेशों में घूमने का पूरा समय है लेकिन उनके घर से तीन किलोमीटर की दूरी पर ढाई माह से धरना दे रहे लाखो किसानों से मिलने का समय नहीं है। किसान ढाई माह से कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठे हैं लेकिन केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से किसानों की ओर से आंखें बंद कर बैठ गए हैं।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों से किसानों के गन्ने के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं जिससे किसान अत्यंत परेशान हैं। मिलों पर किसानों का पंद्रह हजार करोड रुपए बकाया है। सरकार किसानों के गन्ना भुगतान दिलाने में विफल साबित हो रही है। केंद्र सरकार के पास संसद भवन निर्माण पर खर्च करने के लिए बीस हजार करोड़ व दो हवाई जहाज खरीदने के लिए सोलह हजार करोड रुपया है लेकिन किसानों का भुगतान करने के नाम पर सरकार चुप्पी साध जाती है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून पूरी तरह से किसान विरोधी हैं सरकार के नए कृषि कानूनों में प्राइवेट मंडी विकसित करने व बिना टेक्स उपज बेचने का प्रावधान है। सरकारी मंडियों में फसल बेचने पर किसान को कर देना पड़ेगा ऐसी दशा में किसान प्राइवेट मंडियों का रुख करेंगे जिससे सरकारी मंडी बंद हो जाएंगी।
नये कृषि कानूनों में किसान अन्याय में खिलाफ केवल एसडीएम कोर्ट में ही अपनी फरियाद कर सकेगा। जहां से उसे न्याय नहीं मिलेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने जमाखोरी कानून को खत्म कर पूंजीपति मित्र को भंडारण करने की छूट दे दी है। वह आराम से बड़े-बड़े गोदाम भर सकेंगे।
गोदामों में भंडारण करने के बाद किसानों की फसलों को मनमानी कीमत पर खरीदा जाएगा जिससे किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा।किसानों की दुखती रग पर हाथ रखते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आंदोलनकरी किसानों की सुनवाई करने के स्थान पर संसद भवन में उन्हें परजीवी बताकर उनका अपमान करने में लगी है। सरकार को शायद यह नहीं मालूम है कि जो किसान उनके दरवाजे पर धरना दे रहे हैं उन्ही के बेटे देश की सीमा की रक्षा में लगे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों का आदर करने की बात कही। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में कांग्रेस की सरकार बनने पर इन कानूनों को खत्म किया जाएगा।

