Thursday, January 27, 2022
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बेहट की सियासी पिच पर उतारे जा सकते हैं मंत्री डा. धर्म सिंह सैनी

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  • नकुड़ सीट पर गुर्जर बिरादरी का विरोध बना धर्म सिंह की राह में रोड़ा
  • भाजपा में कुछ सिटिंग एमएलए के टिकट कटें तो ताज्जुब नहीं 

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर:  करीब दो दशक से लगातार चमकदार सियासी करिअर वाले सूबे के आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाक्टर धर्म सिंह सैनी को लेकर भाजपा में धर्मसंकट शुरू हो गया है। नकुड़ विस सीट पर गुर्जर बिरादरी के लोगों में धर्म सिंह सैनी के विरोध को देखते हुए भाजपा के कारकुन असमंजस में हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार धर्म सिंह को भाजपा बेहट से चुनाव लड़ा सकती है।

जबकि सहारनपुर मंडल में कुछ सिटिंग विधायकों का टिकट भी काटे जाने की आशंका है। हालांकि, पक्के तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन, धर्म सिंह सैनी इस बार के सत्ता संग्राम में नकुड़ की जगह बेहट की रपटीली सियासी पिच पर उतारे जाएं तो ताज्जुब नहीं।

यह बताने की जरूरत नहीं कि सत्ताविरोधी लहर हर बार होती है। पिछले तीन चुनावों से यही देखा गया है। सन 2007 में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली बसपा को सन 2012 में मुंह की खानी पड़ी। इस दफा सूबे में सपा ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई। लेकिन, सन 2017 के चुनाव में सपा के भी दुर्दिन आ गए।

अपनी स्थापना के सबसे बुरे दौर से सपा को गुजरना पड़ा। सन 17 के विस चुनाव में भाजपा ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। बसपा में कैबिनेट मंत्री रहे धर्म सिंह इस चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीते थे और उन्हें आयुष मंत्री बनाया गया। फिलहाल, अब सन 2022 का चुनाव सिर पर है। भाजपा के सामने करो या मरो वाली स्थिति है।

क्योंकि अगर यूपी की सत्ता गई तो भावी 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए मुफीद कतई नहीं होगा। फिलहाल, विस चुनाव को लेकर भाजपा में सांगठनिक तौर पर गहरा मंथन चल रहा है। इस संदर्भ में अगर सहारनपुर की बात करें यहां नकुड़ विधानसभा सीट वीआईपी मानी जाती है। हालांकि, चार योजनाओं से लगातार धर्म सिंह सैनी ने लखनऊ की डगर आसान की है।

बसपा के टिकट पर सन 2007 में धर्म सिंह सैनी चुनकर लखनऊ गए और पूरे पांच साल कैबिनेट मंत्री रहे। इसके पहले 2002 का चुनाव भी उन्होंने जीता था। सन 2012 के चुनाव में काजी रसीद मसूद परिवार के कद्दावर नेता इमरान मसूद को भी नकुड़ सीट पर धर्म सिंह सैनी ने पराजित कर दिया। सन 2017 में जब धर्म सिंह सैनी ने हाथी की सवारी छोड़ दी और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े तो फिर कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोकने वाले इमरान मसूद जैसे नेता से उनका पाला पड़ा।

लेकिन, शातिर राजनीति में माहिर धर्म सिंह सैनी ने दूसरी बार भी इमरान मसूद को चारो खाने चित कर दिया। विजयश्री ने धर्म सिंह का वरण किया और भाजपा सरकार में उन्हें आयुष मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। लेकिन, इस बार इस धुरंधर सियासतदां को लेकर अंदरखाने कुछ-कुछ हो रहा है। दरअसल, भाजपा बहुत ठोक-बजाकर ही अपना प्रत्याशी उतारना चाहती है।

सूत्रों का कहना है कि लगातार चार बार से विधायक चुने जाने वाले धर्म सिंह का नकुड़ में विरोध खासकर गुर्जर बिरादरी में तेज हो गया है। यह बात भाजपा के संगठन के पदाधिकारियों तक भी पहुंच गई है। ऐसे में डाक्टर धर्म सिंह को नकुड़ की जगह बेहट से टिकट दिए जाने की प्रबल संभावना है।

धर्म सिंह का टिकट तो भाजपा नहीं काट सकती क्योंकि वह पश्चिमी यूपी में सैनियों में मजबूत जनाधार रखते हैं। खुद भी कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। लेकिन, सहारनपुर मंडल में करीब चार विधायकों को भाजपा चुनाव मैदान से बाहर कर सकती है। फिलहाल, धर्म सिंह का बेहट के मैदान में उतारे जाने को लेकर माथापच्ची चल रही है।

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