- अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने विगत पांच वर्षों में किये गये कार्यों के साथ आगामी 100 दिन की कार्य योजना से अवगत कराया
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रेशम, हथकरघा, तथा खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने सोमवार को खादी भवन में अपने अधीन विभाग के क्रियाकलापों का समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। श्री सचान कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के विजन को आगे बढ़ाना है। प्रदेश में कृषि के बाद एमएसएमई में रोजगार की सबसे अधिक संभावनाएं है। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों के उत्पादन को बढ़ाने तथा नये उद्यमों के स्थापना के लिए तेजी से कार्य किया जाय।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मिशन मोड में कार्य करें। इसके साथ ही उद्यमिता विकास पर विशेष ध्यान दिया जाय। लखनऊ में स्थापित उप्र इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन संस्थान के नवीन पाठ्यक्रमों को यथाशीघ्र अनुमोदित कराया जाय। उन्होंने विभागों द्वारा विगत दो वर्षों में किये गये कार्यों का विवरण तथा निदेशालयों की स्टेटस रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
राकेश सचान ने यह भी कहा कि प्रदेश में स्थापित होने वाले टेक्सटाइल्स पार्क की स्थापना का कार्य 100 दिन के अंदर शुरू कर दिया जाय। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उद्यमियों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में जिस उद्यम की स्थापना हेतु भूमि ली गई, वहीं उद्यम स्थापित होना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने लिए औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने तथा एक्सप्रेस-वे के निकट एमएसएमई के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिये।
यह भी कहा कि शहरों में खादी विभाग की खाली भूमि पर खादी प्लाजा बनाया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेशम की खपत के सापेक्ष उत्पादन बहुत कम है। रेशम विभाग के अधिकारी रेशम उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करें। रेशम उत्पादन बढ़ाने हेतु खासतौर से तराई क्षेत्रों में किसानों को प्रोत्साहित किया जाय।

