Sunday, January 23, 2022
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राज्यों की बेफिक्री से टेंशन में मोदी सरकार, केंद्र की चिट्ठी भी बेअसर

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  • न बनी लैब, न बंद डिब्बों से निकले वेंटिलेटर, राज्य सरकारों को केंद्र बार-बार लिख रहा चिट्ठी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: पिछले साल कोरोना की दूसरी लहर निकलने के बाद देश की सरकारें ऐसी बेफ्रिक हुईं कि न साल भर में जीनोम सीक्वेंसिंग की लैब विकसित पर ध्यान दिया गया और न ही डिब्बे में पैक वेंटिलेटर बाहर निकाले गए। जबकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए 14 महीने में 17 बार चिट्ठी लिखी गईं। वहीं, बीते नौ महीने में चौथी बार मंत्रालय ने डिब्बा बंद वेंटिलेटर को बाहर निकालने के लिए चिट्ठी लिखी है।

इन्हीं चिट्ठियों के आधार पर पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई राज्यों में पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर में से 20 फीसदी तक चालू हालत में नहीं हैं। केंद्र सरकार के पास मौजूदा आंकड़ें बताते हैं कि मार्च 2020 से जुलाई 2021 के बीच 50 हजार वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 1600 वेंटिलेटर अब भी चालू हालत में नहीं है। तेलंगाना में 23.54 फीसदी, चंडीगढ़ में 18.34 फीसदी, दिल्ली में 15.23 फीसदी और तमिलनाडु में 7.56 फीसदी वेंटिलेटर अब भी डिब्बों में हैं।

कुछ ऐसी स्थिति जीनोम सीक्वेंसिंग को लेकर है। शुरुआत में देश की 10 लैब में सीक्वेंसिंग हो रही थी। जुलाई 2021 तक बढ़कर 28 लैब हुईं। इस बीच सरकारों को लैब से जुड़ा बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए चिट्ठियां जारी होती रहीं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौखिक तौर पर भी कहते रहे, लेकिन नौ जनवरी 2022 तक लैब की संख्या बढ़कर 38 तक ही पहुंच पाई है।

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दिल्ली: खराब हैं, रिपोर्ट साझा नहीं की

दिल्ली में 1129 में से 172 वेंटिलेटर चालू हालत में नहीं हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वेंटिलेटर तकनीकी तौर पर खराब है। इसकी जांच भी कराई जा चुकी है। हालांकि, जांच रिपोर्ट साझा करने से इनकार कर दिया।

चंडीगढ़: वापस लें वेंटिलेटर

चंडीगढ़ पीजीआई के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में कुछ वेंटिलेटर खराब मिले हैं। पीजीआई ने इसकी दो बार अलग अलग कमेटी गठित करके जांच कराई है और उन्होंने केंद्र से यहां तक कहा है कि वे चाहें तो वेंटिलेटर वापस ले सकते हैं।

हरियाणा: चल रही है जांच

हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि राज्य में सीक्वेंसिंग की पर्याप्त व्यवस्था है और वेंटिलेटर के बारे में अभी जांच चल रही है।

दिल्ली स्थित लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग करवा रहे ये राज्य

नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की नई दिल्ली स्थित लैब में बीते दो साल से दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तक से सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए आ रहे हैं।

डिब्बा बंद               वेंटिलेटर
तेलंगाना                 534
यूपी                      236
तमिलनाडु               210
दिल्ली                   172
गुजरात                  136
पश्चिम बंगाल              51
चंडीगढ़                   20
कर्नाटक                  87
जम्मू-कश्मीर             16
इनके अलावा हरियाणा, हिमाचल व नगालैंड में दो-दो व असम में एक वेंटिलेटर चालू नहीं है।

केंद्र व राज्य में तालमेल जरूरी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि हमारी तैयारियों में किसी भी तरह की कोई चूक नहीं होनी चाहिए। केंद्र और राज्यों के बीच आपसी तालमेल बहुत जरूरी है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, गोवा और दादर नागर हवेली के स्वास्थ्य मंत्रियों व प्रधान सचिव की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा, महामारी में उछाल है। ऐसे में नियंत्रण-प्रबंधन के साथ टीकाकरण जरूरी है।

ओमिक्रॉन के 400 नए संक्रमित

ओमिक्रॉन के एक दिन में 400 नए मामले मिले हैं। महाराष्ट्र और राजस्थान में ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं। देश में इसके कुल 4,033 मामले हो गए हैं। महाराष्ट्र में ,216 और राजस्थान में 529 मामले हैं। अब तक ओमिक्रॉन के 1552 संक्रमितों को अस्पतालों से छुट्टी भी मिली है। कोरोना मरीजों का आंकड़ा 3,57,07,727 पहुंच गया है। इससे मरने वालों की संख्या 4,83,936 है। सक्रिय मामले 7,23,619 हैं। वहीं, 46549 रोगियों को छुट्टी मिली है। असम में नौ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

सक्रिय दर बढ़कर 2.03 फीसदी

देश में कोरोना की सक्रिय दर बढ़कर 2.03 फीसदी हो गई है, जबकि रिकवरी दर कम होकर 96.62 फीसदी तक पहुंच गई है। साप्ताहिक संक्रमण दर बढ़कर 7.92 फीसदी हो गई है।

महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन: महाराष्ट्र में नए दिशानिर्देश के अनुसार 11 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू, दिन में भी धारा 144 लागू रहेगी। स्कूल-कॉलेज 15 फरवरी तक बंद रहेंगे। राज्य में 44,388 नए केस मिले।

  • तमिलनाडु: कोविड शर्तों के साथ जलीकट्टू की इजाजत
  • हरियाणा: 26 जनवरी तक स्कूल और कॉलेज बंद
  • हरिद्वार: मकर संक्रांति पर गंगा स्नान पर लगाई गई रोक

बिहार: महंगा पड़ा 11 बार टीका लगवाना

बिहार में 11 बार कोरोनारोधी टीका लगवाने वाले के घर पुलिस ने छापा मारा। उनकी पत्नी ने कहा, सेहत के बारे में सोचना जुर्म है क्या, जो हमारे साथ अपराधियों जैसा सुलूक किया जा रहा है।

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